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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 19, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

मुंबई में MNS कार्यकर्ताओं की खुलेआम गुंडागर्दी, अब निशाने पर गुजराती

By Arti YadavEdited By:
Published: Mon, 19 Mar 2018 12:36 PM (IST)Updated: Mon, 19 Mar 2018 03:04 PM (IST)

एमएनएस के कार्यकर्ताओं ने रविवार रात मुंबई के वसई इलाके में जमकर हंगामा किया और तोड़फोड़ की।

मुंबई में MNS कार्यकर्ताओं की खुलेआम गुंडागर्दी, अब निशाने पर गुजराती
मुंबई में MNS कार्यकर्ताओं की खुलेआम गुंडागर्दी, अब निशाने पर गुजराती

ठाणे, (पीटीआइ)। मुंबई में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) के कार्यकर्ता अब खुलेआम गुंडागर्दी पर उतर आए हैं और अबकी बार उनके निशाने पर गुजराती हैं। एमएनएस के कार्यकर्ताओं ने रविवार रात मुंबई के वसई इलाके में जमकर हंगामा किया और तोड़फोड़ की। कार्यकर्ताओं ने दुकानों पर लगे गुजराती साइन बोर्ड को ध्वस्त कर दिया। बता दें कि कल एमएनएस प्रमुख ने मध्य मुंबई के शिवाजी पार्क में एक रैली के दौरान कहा था कि इन दिनों वसई गुजरात की तरह होता जा रहा है। जिसके बाद कार्यकर्ताओं ने यह कदम उठाया।

एमएनएस के ठाणे क्षेत्र के अध्यक्ष अविनाश जाधव ने कहा कि राज ठाकरे की अगुवाई वाली पार्टी के कार्यकर्ताओं ने रविवार देर रात जिला वसई इलाके में मुंबई-अहमदाबाद राजमार्ग पर स्थित 20 से अधिक दुकानों के साइनबोर्ड को नष्ट कर दिया। जाधव ने न्यूज एजेंसी पीटीआइ को फोन पर कहा कि वसई और ठाणे जिले महाराष्ट्र में हैं और गुजरात में नहीं, और अब हम गुजराती नाम के बोर्ड बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि इन साइन बोर्ड के खिलाफ उनका आंदोलन जारी रहेगा।

पुलिस ने कहा कि पिछले साल जुलाई में मनसे के कुछ कार्यकर्ता ने दादर में एक गहने की दुकान और मुंबई के माहिम इलाके में एक होटल के खिलाफ विरोध किया था, और गुजराती में लिखे साइनबोर्ड को हटाने के लिए कहा था। विरोध प्रदर्शन के बाद दोनों दुकानों ने गुजराती साइनबोर्ड हटा लिए। पुलिस ने कहा था दुकानदारों ने मनसे कार्यकर्ताओं के खिलाफ कोई शिकायत नहीं दर्ज की थी, हालांकि उन कार्यकर्ताओं में से सातों को माहिम में अवैध सभा के लिए गिरफ्तार किया गया था।

मोदी सरकार पर साधा निशाना

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे ने रविवार को मोदी सरकार पर करारा हमला बोलते हुए विपक्षी दलों की एकता पर जोर दिया और 2019 तक ‘मोदी मुक्त भारत’ बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सत्ता से हटाने के लिए सभी दलों को साथ आना चाहिए। मनसे प्रमुख ने कहा कि भारत को पहली बार आजादी 1947 में, दूसरी बार 1977 में (आपातकाल के उपरांत हुए चुनाव के बाद) मिली थी, लेकिन 2019 में जब हम भारत को ‘मोदी मुक्त’बनाएंगे तब हमारे देश को तीसरी बार आजादी मिलेगी। करीब एक घंटे के अपने भाषण में मनसे प्रमुख ने भविष्‍य में कुछ अराजक तत्‍वों द्वारा देश भर में दंगे भड़काने के प्रयासों को लेकर भी चेताया। उन्‍होंने मोदी सरकार के नोटबंदी के फैसले पर भी हमला बोला और कहा कि जनता अब उनके झूठे वादों से उब चुकी है।

श्रीदेवी के निधन पर राजकीय सम्मान के साथ अंत्येष्टि पर सवाल उठाए

वहीं ठाकरे ने अभिनेत्री श्रीदेवी के निधन पर राजकीय सम्मान के साथ अंत्येष्टि करने के फैसले पर भी सवाल उठाया। उन्‍होंने कहा कि श्रीदेवी एक शानदार अभिनेत्री थीं, लेकिन उन्होंने देश के लिए ऐसा क्या किया था कि उनके शव को तिरंगे में लपेटा गया। वहीं ठाकरे ने यह अंदेशा भी जताया कि मीडिया ने सरकार के इशारे पर पीएनबी घोटाले से लोगों का ध्‍यान हटाने के लिए अभिनेत्री की अंत्येष्टि को इतने जोर-शोर से दिखाया।