NCP के दोनों गुटों का होने वाला था विलय, डेट भी थी फाइनल; अजित पवार के निधन के बाद फेल हुआ प्लान
एनसीपी के दोनों गुट 8 फरवरी को विलय की घोषणा करने वाले थे, लेकिन अजित पवार के निधन से यह ...और पढ़ें

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) नेता अजित पवार के निधन के बाद एक चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। वरिष्ठ नेताओं का दावा है कि NCP के दोनों गुट आगामी 8 फरवरी को एक ऐतिहासिक पुनर्मिलन की घोषणा करने के लिए पूरी तरह तैयार थे, लेकिन अजित पवार के असामयिक निधन ने इस योजना को एक बड़ा झटका दिया।
दरअसल, वर्तमान में अजीत पवार के नेतृत्व वाला एनसीपी गुट सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन का हिस्सा है, जबकि एनसीपी (एसपी) शिवसेना (यूबीटी) और कांग्रेस सहित महा विकास अघाड़ी का सदस्य है।
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, दोनों गुटों के बीच विलय की बातचीत काफी आगे बढ़ चुकी थी और दोनों पक्षों के नेता जिला परिषद चुनाव परिणामों के बाद औपचारिक एकीकरण की तैयारी कर रहे थे, इसी दौरान यह दुखद घटना घटी।
अजित पवार के निधन के बाद बुधवार को बारामती पहुंचे एनसीपी के वरिष्ठ नेताओं ने बैठक की। बैठक में राजनीतिक स्थिति के बीच परामर्श जारी रखने की तात्कालिकता पर चर्चा की गई। एनसीपी नेताओं ने कहा कि अजित पवार की मौत से इन योजनाओं के तत्काल क्रियान्वयन पर अनिश्चितता जरूर छा गई है, लेकिन मूल राजनीतिक प्रक्रिया अभी भी जारी है।
एनसीपी नेता ने की पुष्टि
एनसीपी (एसपी) के वरिष्ठ विधायक जयंत पाटिल और एनसीपी (एसपी) प्रमुख शशिकांत शिंदे ने इस बात की पुष्टि कि दोनों गुटों के विलय को लेकर जारी बातचीत उन्नत चरण में है। यह बातचीत इस बिंदु तक पहुंच गई है कि संभावित मंत्रिमंडल फेरबदल और नए चेहरों को शामिल करने पर अनौपचारिक रूप से विचार किया जा रहा है।
शरद पवार के घर हुई थी बैठक
जयंत पाटिल ने कहा, "हाल के दिनों में हम (दोनों गुट) अक्सर मिलते रहे थे। 16 जनवरी को मेरे आवास पर मिले थे ताकि साथ मिलकर चुनाव लड़ने की बातचीत को अंतिम रूप दिया जा सके। 17 जनवरी को शरद पवार के घर पर एक बैठक हुई थी। दोनों गुटों के बीच बातचीत काफी आगे बढ़ चुकी थी।”
नसीपी (एसपी) के एक नेता ने कहा, "यह रणनीति का हिस्सा था, ताकि स्थिति का जायजा लिया जा सके और जिला परिषद के नतीजों के बाद विलय की घोषणा की जा सके।" उन्होंने आगे बताया कि 8 फरवरी दोनों गुटों के विलय होने की संभावित तारीख थी। विलय की प्रकिया सही दिशा में आगे बढ़ रही थी, तब तक अजित पवार के निधन ने बड़ा झटका लगा है। (समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)
