नई दिल्ली, आइएएनएस। सीबीआइ निदेशक पद से आलोक वर्मा को हटाए जाने के बाद कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) ने नए सीबीआइ निदेशक की तलाश तेज कर दी है। इस रेस में मुंबई पुलिस आयुक्त सुबोध कुमार जायसवाल, उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) के प्रमुख वाईसी मोदी आगे चल रहे हैं।

10 आइपीएस अधिकारियों के नामों पर विचार
जानकारों ने बताया कि सीबीआइ प्रमुख के लिए डीओपीटी पुलिस महानिदेशक स्तर के 10 आइपीएस अधिकारियों के नामों पर विचार कर रहा है। इनमें 1983, 1984 और 1985 में चयनित अधिकारी शामिल हैं। रेस में सबसे आगे चल रहे मुंबई पुलिस आयुक्त सुबोध कुमार जायसवाल 1985 बैच के अधिकारी हैं। वह रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (रॉ) में काम कर चुके हैं और मुंबई का पुलिस आयुक्त बनने से पहले कैबिनेट सचिवालय में अतिरिक्त सचिव के रूप में भी सेवाएं दे चुके हैं।

दूसरे नंबर पर उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह का नाम है। वह 1983 बैच के अधिकारी हैं। जबकि तीसरे नंबर पर 1984 बैच के अधिकारी एनआइए प्रमुख वाईसी मोदी हैं। मोदी को सीबीआइ और भ्रष्टाचार निरोधक शाखाओं में काम करने का लंबा अनुभव है।

इन तीनों के अलावा रेस में 1983 बैच के रीना मित्रा (केंद्रीय गृह मंत्रालय में विशेष सचिव आंतरिक सुरक्षा) और राजीव राय भटनागर (सीआरपीएफ महानिदेशक); 1984 बैच के सुदीप लखटकिया (एनएसजी महानिदेशक), एपी महेश्वरी (पुलिस अनुसंधान और विकास ब्यूरो के प्रमुख), एस. जवीद अहमद (राष्ट्रीय अपराध एवं फोरेंसिक साइंस संस्थान के निदेशक), रजनीकांत मिश्रा (बीएसएफ महानिदेशक) और एसएस देसवाल (आइटीबीपी प्रमुख) भी शामिल हैं।

यहां यह उल्लेखनीय है कि 1984 बैच के सभी अधिकारी सीबीआइ के विशेष निदेशक राकेश अस्थाना के बैच के हैं। बता दें कि आलोक वर्मा का कार्यकाल 31 जनवरी को समाप्त होना था इसलिए माना जा रहा कि नए सीबीआइ प्रमुख के नाम की घोषणा इस माह के आखिर तक कर दी जाएगी।

 

Posted By: Arun Kumar Singh