नई दिल्ली, जागरण ब्यूरो। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए संसद में भले ही सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए है, लेकिन इसके बाद भी सांसदों में कोरोना का डर साफ देखने को मिल रहा है। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम सहित राज्यसभा के दर्जन भर से ज्यादा सदस्यों ने कोरोना संक्रमण के खतरे के बीच स्वास्थ्य कारणों से मानसून सत्र से छुट्टी ले ली है। इन सभी सदस्यों ने सभापति को इसे लेकर पत्र भेज दिया है। राज्यसभा सभापति एम. वैंकेया नायडू ने बुधवार को इसकी जानकारी दी। हालांकि नायडू ने मानसून सत्र शुरू होने के पहले दिन ही सोमवार को ही 65 साल से ज्यादा उम्रदराज सदस्यों को छुट्टी का विकल्प दिया था। साथ ही कहा था कि वह छुट्टी के आवेदन दे सकते है।

इस दौरान पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और पी. चिदंबरम के अतिरिक्त राज्यसभा के जिन सदस्यों ने सत्र के दौरान छुट्टी के आवेदन दिया है, उनमें कांग्रेस नेता ऑस्कर फर्नाडीज, अन्नाद्रमुक के नवनीत कृष्णणन, आप सदस्य सुशील कुमार गुप्ता, तृणमूल कांग्रेस के नेता मानस रंजन भूनिया, वाइएसआर कांग्रेस सदस्य परिमल नाथवानी, नामित सदस्य नरेंद्र जादव, टीआरएस की वी.लक्ष्मीकांता राव और बंदा प्रकाश, जदयू के महेंद्र प्रसाद, नगा पीपुल्स फ्रंट के केजी केन्ये आदि शामिल हैं।

सभापति ने बताया कि जिन 14 सदस्यों के छुट्टी के लिए आवेदन मिले है, उनमें से तीन को छोड़कर सभी ने पूरे सत्र के लिए छुट्टी मांगी है। आखिरकार नायडू ने इन सभी सदस्यों की छुट्टी को स्वीकृत दे दी है। कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए संसद में इस बार आने वाले हरेक व्यक्ति की कोरोना जांच को अनिवार्य किया है। इस दौरान सभी सदस्यों की भी जांच कराई गई थी। इस दौरान लोकसभा सदस्य मीनाक्षी लेखी, प्रवेश वर्मा सहित करीब 17 सांसद कोरोना से संक्रमित भी पाए गए। इसके साथ ही जांच में सदस्यों के सहयोगी और संसद के स्टाफ भी संक्रमित मिले थे। वहीं कोरोना संक्रमण की स्थिति को देखते हुए पूरे संसद सत्र के दौरान परिसर में ही कोरोना जांच की व्यवस्था रखी गई है।

Posted By: Manish Pandey

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