नई दिल्ली, प्रेट्र। बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की और राज्य में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के अधिकार क्षेत्र में विस्तार के मुद्दे को उठाते हुए इसे वापस लेने की मांग की। प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद संवाददाताओं से बातचीत में बनर्जी ने कहा कि वह बीएसएफ के खिलाफ नहीं हैं लेकिन बीएसएफ को और अधिकार दिए जाने से राज्य पुलिस के साथ कानून व्यवस्था की स्थिति पैदा हो सकती है। किसी भी सूरत में देश के संघीय ढांचे को नुकसान नहीं पहुंचाया जाना चाहिए।

टीएमसी प्रमुख ने कहा कि उन्होंने अगले साल बंगाल में होने वाले वैश्रि्वक उद्योग सम्मेलन का उद्घाटन करने के लिए प्रधानमंत्री को आमंत्रित किया। बंगाल की मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने त्रिपुरा में हिंसा का मुद्दा भी उठाया, जिसमें तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं पर भाजपा के कार्यकर्ताओं द्वारा कथित तौर पर हमले किए गए हैं।

अखिलेश को मदद देने के लिए तैयार

उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, 'यदि अखिलेश यादव (समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष) को हमारी मदद की जरूरत होगी तो हम उन्हें मदद करने को तैयार हैं।'

सोनिया से मुलाकात के सवाल को टाल दिया

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात के बारे में पूछे जाने पर बनर्जी ने कहा कि प्रधानमंत्री के अलावा उन्होंने किसी अन्य नेता से मिलने का समय नहीं मांगा था क्योंकि उन्हें पता है कि सभी पंजाब चुनावों में व्यस्त हैं।

उद्धव और पवार से करेंगी मुलाकात

मुख्यमंत्री ने कहा कि वह जब 30 नवंबर को दो दिवसीय दौरे पर महाराष्ट्र जाएंगी तब मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के प्रमुख शरद पवार से मुलाकात करेंगी।

पीएम के संसदीय क्षेत्र का करेंगी दौरा

ममता बनर्जी ने कहा कि वह वाराणसी का भी दौरा करेंगी क्योंकि 'कमलापति त्रिपाठी का परिवार अब हमारे साथ है।' बता दें कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रह चुके दिवंगत कमलापति त्रिपाठी के पोते राजेशपति त्रिपाठी और पड़पोते ललितेशपति त्रिपाठी अक्टूबर में टीएमसी में शामिल हुए थे।

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Edited By: Manish Pandey