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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 17, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

'जानबूझकर मणिपुर को जलाना चाहती है भाजपा', खरगे का बड़ा आरोप; कहा- लोगों को उनके हाल पर छोड़ दिया

By Agency Edited By: Sachin Pandey
Published: Sun, 17 Nov 2024 03:55 PM (IST)

Manipur Violence कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भाजपा पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा है कि वह जानबूझकर मणिपुर को ...और पढ़ें

खरगे ने कहा कि मणिपुर न तो एक है और न ही सेफ है। (File Image)
खरगे ने कहा कि मणिपुर न तो एक है और न ही सेफ है। (File Image)

HighLights

  1. खरगे ने कहा- हिंसा से भाजपा की नफरती विभाजनकारी राजनीति को बढ़ावा मिलता है।
  2. कहा- मणिपुर न तो एक है और न ही सेफ है।

पीटीआई, नई दिल्ली। मणिपुर में फिर से भड़की हिंसा के बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने रविवार को भाजपा पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा है कि वह जानबूझकर सीमावर्ती राज्य को जलाना चाहती है, क्योंकि इससे उनकी नफरती विभाजनकारी राजनीति को बढ़ावा मिलता है।

खरगे ने कहा कि राज्य के लोग कभी भी यह नहीं भूलेंगे या माफ नहीं करेंगे कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें अपने हाल पर छोड़ दिया और उनके दुखों को दूर करने के लिए कभी उनके राज्य में कदम नहीं रखा। इस बीच, मणिपुर में बढ़ती हिंसा के मद्देनजर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने महाराष्ट्र में अपनी चुनावी रैलियां रद्द कर दी हैं।

'भाजपा जानबूझकर मणिपुर को जलाना चाहती है'

कांग्रेस अध्यक्ष ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, 'नरेंद्र मोदी जी, आपकी डबल इंजन सरकारों के तहत, न तो मणिपुर एक है, न ही मणिपुर सुरक्षित है। मई 2023 से यह अकल्पनीय दर्द, विभाजन और उबलती हिंसा से गुजर रहा है, जिसने इसके लोगों के भविष्य को नष्ट कर दिया है। हम यह पूरी जिम्मेदारी के साथ कह रहे हैं कि ऐसा लगता है कि भाजपा जानबूझकर मणिपुर को जलाना चाहती है, क्योंकि यह उसकी घृणित विभाजनकारी राजनीति को पूरा करता है।'

खरगे ने कहा कि 7 नवंबर से कम से कम 17 लोगों की जान जा चुकी है, संघर्षग्रस्त क्षेत्रों की सूची में नए जिले जोड़े जा रहे हैं और आग सीमावर्ती पूर्वोत्तर राज्यों तक फैल रही है। कांग्रेस प्रमुख ने कहा, 'आपने मणिपुर जैसे खूबसूरत सीमावर्ती राज्य को निराश किया है। अगर आप भविष्य में मणिपुर का दौरा भी करते हैं तो राज्य के लोग आपको कभी माफ नहीं करेंगे या भूलेंगे नहीं कि आपने उन्हें खुद के हाल पर छोड़ दिया और उनके दुखों को दूर करने और समाधान खोजने के लिए उनके राज्य में कभी कदम नहीं रखा।'

राहुल गांधी ने भी उठाए सवाल

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी मणिपुर में हाल ही में हुई हिंसक झड़पों और जारी रक्तपात को बेहद परेशान करने वाला बताया। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से राज्य का दौरा करने और क्षेत्र में शांति बहाल करने की दिशा में काम करने का आग्रह किया। एक्स पर एक पोस्ट में गांधी ने कहा कि मणिपुर में हाल ही में हुई हिंसक झड़पों और जारी रक्तपात की घटनाएं बेहद परेशान करने वाली हैं। पूर्व कांग्रेस प्रमुख ने कहा, 'एक साल से अधिक समय तक विभाजन और पीड़ा के बाद, हर भारतीय की उम्मीद थी कि केंद्र और राज्य सरकारें सुलह के लिए हर संभव प्रयास करेंगी और समाधान निकालेंगी।'

उन्होंने कहा, 'मैं प्रधानमंत्री से एक बार फिर मणिपुर का दौरा करने और क्षेत्र में शांति और सुधार की दिशा में काम करने का आग्रह करता हूं।' एआईसीसी महासचिव, संगठन, के सी वेणुगोपाल ने कहा कि मणिपुर में जारी हिंसा दर्शाती है कि मामले किस हद तक नियंत्रण से बाहर हो गए हैं। उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में आरोप लगाया, 'हत्याएं एक बार फिर रोजमर्रा की घटना बन गई हैं और भीड़ सड़कों पर राज कर रही है। जब मणिपुर में सत्तारूढ़ पार्टी के विधायक भी सुरक्षित नहीं हैं तो आम नागरिक को शांति की कोई उम्मीद कैसे हो सकती है? प्रधानमंत्री और गृह मंत्री द्वारा नफरत की राजनीति को बढ़ावा देने के कारण संकट नियंत्रण से बाहर हो गया है।'