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'देश में अघोषित आपातकाल जैसे हालात', खरगे ने कहा- राहुल गांधी के साथ CJI से मुलाकात करूंगा

Published: Sun, 11 Oct 2026 02:48 PM (IST)

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र सरकार पर देश में 'अघोषित आपातकाल' जैसे हालात पैदा करने का आरोप लगाया है, ...और पढ़ें

राहुल गांधी के साथ CJI से मुलाकात करेंगे खरगे (फाइल फोटो)

राहुल गांधी के साथ CJI से मुलाकात करेंगे खरगे (फाइल फोटो)

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डिजिटल डेस्क, बेंगलुरु। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए देश में अघोषित आपातकाल जैसे हालात होने का आरोप लगाया है। खरगे ने कहा कि सरकार विरोध प्रदर्शनों को रोकने के लिए पुलिस बल का इस्तेमाल कर रही है और युवाओं की आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है।

हालिया विरोध प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती और गिरफ्तारियों को लेकर खरगे ने कहा कि देश में अघोषित आपातकाल जैसे हालात हैं। उन्होंने इसे सरकार की घबराहट का संकेत बताते हुए आरोप लगाया कि सरकार युवाओं के प्रदर्शन से डर रही है।

ऐसे हालात बनाए जा रहे हैं...

खरगे ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में देश में ऐसे हालात बनाए जा रहे हैं, जिन्हें अघोषित आपातकाल कहा जा सकता है। कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल CJI से मिलकर अघोषित आपातकाल के मुद्दे पर चर्चा करेगा।

संवैधानिक संस्थाओं को नहीं करने दिया जा रहा काम

खरगे ने दावा किया कि चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्थाओं को स्वतंत्र रूप से काम नहीं करने दिया जा रहा है और भाजपा वोट चोरी के जरिये केंद्र व राज्यों की सत्ता पर काबिज हुई है। कांग्रेस नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेगी।

उन्होंने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं के कामकाज और चुनावी अनियमितताओं पर अपनी चिंताएं जाहिर करने के लिए वे और राहुल गांधी भारत के CJI से मुलाकात करेंगे।

कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में पत्रकारों से बातचीत के दौरान खरगे ने बताया कि सीजेआई से मिलने के लिए शाम चार से पांच बजे के बीच का समय निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में उन्होंने स्वयं पत्र लिखा है और राहुल गांधी ने भी अपनी ओर से पत्र भेजा है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रतिनिधिमंडल किसी विशिष्ट कार्रवाई की मांग करने के बजाय अपनी चिंताएं सामने रखेगा। खरगे ने कहा, 'हम उनसे कुछ मांग नहीं सकते, केवल हाथ जोड़कर विनती करेंगे।'

चुनाव आयुक्त को क्यों दी गई छूट?

मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्त (नियुक्ति, सेवा शर्तें और कार्यकाल) अधिनियम, 2023 की आलोचना करते हुए मल्लिकार्जुन खरगे ने चुनाव आयुक्तों को उनके आधिकारिक कर्तव्यों के निर्वहन के दौरान प्रदान की गई कानूनी छूट पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

उन्होंने सवाल किया कि जो छूट भारत के राष्ट्रपति या मुख्य न्यायाधीश तक को नहीं दी गई है, वह चुनाव आयुक्त को क्यों प्रदान की गई है?

खरगे ने आरोप लगाया कि यह कानूनी सुरक्षा जवाबदेही को कमजोर करती है और सीधे तौर पर ईवीएम से जुड़ी चुनावी अनियमितताओं को बढ़ावा देती है, जो वोटों को छीनने और लोकतंत्र के साथ धोखाधड़ी करने की एक सोची-समझी साजिश है; जिसका कांग्रेस खुलकर मुकाबला करेगी।

(समाचार एजेंसी एएनाई के इनपुट के साथ)

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