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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 06, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

भाजपा आज राज्यपाल से मिलेगी, महाराष्ट्र में जल्द बन सकती है नई सरकार; शिवसेना 50-50 की मांग पर अड़ी

By Tilak RajEdited By:
Published: Wed, 06 Nov 2019 08:51 PM (IST)Updated: Thu, 07 Nov 2019 09:40 AM (IST)

रुवार को महाराष्‍ट्र में सरकार गठन को लेकर कुछ तस्‍वीर साफ हो सकती है। भाजपा गुरुवार को राज्‍यपाल भगत सिंह कोश्‍यारी से मुलाकात करने जा रही है।

भाजपा आज राज्यपाल से मिलेगी, महाराष्ट्र में जल्द बन सकती है नई सरकार; शिवसेना 50-50 की मांग पर अड़ी
भाजपा आज राज्यपाल से मिलेगी, महाराष्ट्र में जल्द बन सकती है नई सरकार; शिवसेना 50-50 की मांग पर अड़ी

मुंबई, एएनआइ। महाराष्‍ट्र में किसकी सरकार बनने जा रही है? इस सवाल का जवाब अभी महाराष्‍ट्र के किसी राजनीतिक दल के पास नहीं है। हां, महाराष्‍ट्र विधानसभा चुनाव में सबसे ज्‍यादा सीटें हासिल करने वाली भाजपा ये दावा जरूर कर रही है कि सरकार उसी की बनेगी, लेकिन कैसे? शिवसेना 50-50 के फॉर्मूले की अपनी मांग पर कायम है। इधर, भाजपा ने भी साफ कर दिया है कि वह मुख्‍यमंत्री पद के मुद्दे पर पीछे हटने वाली नहीं है। गुरुवार को महाराष्‍ट्र में सरकार गठन को लेकर कुछ तस्‍वीर साफ हो सकती है। भाजपा गुरुवार को राज्‍यपाल भगत सिंह कोश्‍यारी से मुलाकात करने जा रही है।

एनसीपी का महाराष्‍ट्र में किसी पार्टी के साथ मिलकर सरकार बनाने का कोई विचार फिलहाल नहीं है, पार्टी प्रमुख शरद पवार इस बात को कई बार साफ कर चुके हैं। इस बीच शिवसेना का कहना है कि अगर भाजपा नेता गुरुवार को राज्‍यपाल से मिलकर सरकार बनाने का दावा करने जा रहे हैं, तो उन्‍हें सरकार बनानी चाहिए, क्‍योंकि सबसे ज्‍यादा सीटें उन्‍हीं को मिली हैं। पवार कहते हैं कि राकांपा और कांग्रेस मिलकर भी 100 से आगे नहीं जा रहे हैं, तो हमारी सरकार बनने का तो सवाल ही पैदा नहीं होता। महाराष्ट्र की राजनीति में एक विचार यह भी चल रहा था कि भाजपा को सत्ता से दूर रखने के लिए शरद पवार स्वयं मुख्यमंत्री बन सकते हैं। इससे संबंधित सवाल को पवार ने यह कहते हुए खारिज कर दिया कि वह चार बार राज्य के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। अब वह मुख्यमंत्री नहीं बनेंगे।

शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा कि हम महाराष्‍ट्र के राज्‍यपाल से मिल चुके हैं। रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया के रामदास अठावले भी राज्‍यपाल से मिल चुके हैं। अगर अब भाजपा नेता राज्‍यपाल से कल मिलकर सरकार बनाने का दावा करने जा रहे हैं, तो उनको सरकार बनानी चाहिए। हम बस यही कहना चाहेंगे। संजय राउत के बयान से कुछ समय पहले भाजपा नेता सुधीर मुनगंटीवार ने दावा किया कि निवर्तमान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में बुलाई गई एक बैठक में शिवसेना के साथ सारे मतभेद सुलझा लिए गए हैं। महाराष्ट्र की जनता ने गठबंधन को जनादेश दिया है। इससे पहले मुनगंटीवार ने मंगलवार को दावा किया था कि महाराष्‍ट्र में भाजपा की ही सरकार बनेगी और शिवसेना भी जल्‍द मान जाएगी।

हालांकि भाजपा के वरिष्ठ नेता सुधीर मुनगंटीवार ने जल्दी ही शुभ समाचार मिलने के संकेत दिए हैं। लेकिन उनकी बात का मजाक उड़ाते हुए शिवसेना नेता संजय राऊत ने कहा कि वह शिवसेना के मुख्यमंत्री बनने का ही शुभ समाचार देने वाले होंगे। संजय राऊत ने भाजपा को यह चुनौती भी दी है कि वह राज्यपाल के पास 145 विधायकों के समर्थन के साथ सरकार बनाने का दावा करे, और सरकार बनाकर दिखाए। सूत्रों के अनुसार शिवसेना की मांगें अब ढाई-ढाई साल के मुख्यमंत्री तक ही सीमित नहीं हैं। अब वह पहले ढाई साल अपना मुख्यमंत्री बनाने की बात भी करने लगी है। इसके अलावा मंत्रालयों के बंटवारे में बराबर की संख्या में मंत्री एवं महामंडलों और निगमों में आधे-आधे का बंटवारा चाहती है। उसका यह भी कहना है कि भाजपा के साथ मिलकर चुनाव लड़े साथी दलों को भाजपा अपने कोटे से ही मंत्रालय दे। जाहिर है, भाजपा के लिए ये शर्तें मानना आसान नहीं होगा।

महाराष्‍ट्र की मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल अगले दो दिनों में खत्म होने वाला है। न्यूज एजेंसी पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि अगले हफ्ते विधानसभा का 3 दिवसीय विशेष सत्र बुलाया जा सकता है, ताकि नए विधायकों को शपथ दिलाई जाए। हालांकि, भाजपा किसके साथ मिलकर सरकार बनाएगी, इसकी तस्‍वीर अभी तक साफ नहीं हो पाई है।