मुंबई, प्रेट्र। महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी द्वारा नवनियुक्त मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को मिठाई खिलाते हुए फोटो वायरल हो गया है। इस पर एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने शनिवार को कटाक्ष करते हुए कहा कि उन्होंने राज्यपाल के व्यवहार में जन प्रतिनिधियों को लेकर कुछ 'गुणात्मक बदलाव' देखे हैं। पवार पुणे में पत्रकारों से बात कर रहे थे।

एनसीपी प्रमुख ने कहा कि मैंने टेलीविजन पर एकनाथ शिंदे और देवेंद्र फडणवीस का शपथ ग्रहण समारोह देखा। उन्होंने (राज्यपाल ने) उन्हें पेड़ा खिलाया और गुलदस्ता देकर उनका स्वागत किया। ऐसा लगता है कि उनमें कुछ गुणात्मक बदलाव हैं। 2019 के चुनावों के बाद महा विकास अघाड़ी के नेताओं के शपथ ग्रहण समारोह को याद करते हुए पवार ने कहा कि मैं वहां मौजूद था। कोश्यारी ने कुछ संभावित मंत्रियों के शपथ लेने पर कुछ आइकन या सार्वजनिक हस्तियों के नामों का उल्लेख करने पर आपत्ति जताई थी। उन्होंने मेरी ओर इशारा भी किया था। उस समय और उन्हें प्रारूप के अनुसार ही शपथ लेने के लिए कहा था।

पवार ने कहा कि हालांकि, जब एकनाथ शिंदे ने गुरुवार को शपथ ली, तो उन्होंने दिवंगत बालासाहेब ठाकरे और दिवंगत आनंद दिघे के नामों का उल्लेख किया, लेकिन कोश्यारी ने इस बार कोई आपत्ति नहीं की। वयोवृद्ध नेता ने राज्यपाल की भूमिका, उनके कार्यालय और राज्य सरकार के बीच संबंधों पर भी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की।

उन्‍होंने कहा कि राज्य मंत्रिपरिषद का निर्णय हमेशा राज्यपाल पर बाध्यकारी होता है। एमवीए सरकार ने राज्यपाल के कोटे से विधान परिषद के सदस्यों के रूप में नामित किए जाने वाले 12 व्यक्तियों की सूची की सिफारिश की थी। हालांकि, उन्होंने कभी भी सूची को मंजूरी नहीं दी। कहा गया है कि वह राज्य में बनी नई सरकार के साथ त्वरित फैसला लेंगे।

पवार ने कहा कि यह स्पष्ट रूप से पद ग्रहण करते समय उनकी अपनी शपथ के विपरीत है। एक राज्यपाल को विभिन्न राजनीतिक पृष्ठभूमि के लोगों के साथ व्यवहार करते हुए तटस्थ रहना चाहिए। महाराष्ट्र में महा विकास आघाड़ी सरकार के समय भी राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी और मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के बीच कई बार विवाद की स्थिति आई थी।

Edited By: Arun Kumar Singh