राज्य ब्यूरो, मुंबई। महाराष्ट्र के विधानमंडल का मानसून सत्र बुधवार को शुरू हुआ। विश्वासमत हासिल करने के बाद एकनाथ शिंदे सरकार का यह पहला सत्र है। विपक्ष ने सत्र के पहले दिन विधान भवन की सीढ़ियों पर बैठकर सरकार के विरुद्ध नारे लगाते हुए मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का स्वागत किया।

विपक्षी सदस्य सुबह 10 बजे ही विधान भवन पहुंच गए थे। कई सदस्यों के हाथों में सरकार विरोधी तख्तियां थीं, जिन पर लिखा था- गैरकानूनी सरकार। बता दें कि विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अजीत पवार पहले ही कह चुके हैं कि जिस तरह से यह सरकार सत्ता में आई है, यह हमारा सर्वसम्मत विचार है कि शिंदे गुट सरकार निर्धारित संवैधानिक नियमों के मुताबिक नहीं बनी है। इससे जुड़ी याचिकाओं पर सर्वोच्च न्यायालय का फैसला लंबित है।

सरकार को सभी लोकतांत्रिक मूल्यों एवं नियमों को ताक पर रखकर बनाया गया है। विधान भवन की सीढ़ियों पर धरना देनेवालों में शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के पुत्र शिवसेना उद्धव गुट के विधायक आदित्य ठाकरे भी शामिल थे।

जबकि विधान सभा के अंदर भी विपक्षी सदस्यों ने किसानों के मुद्दे पर सरकार को घेरने की कोशिश की। कांग्रेस विधायक एवं महाराष्ट्र कांग्रेस के अध्यक्ष नाना पटोले ने कहा कि चंद्रपुर, गढ़चिरोली एवं उपमुख्यमंत्री के क्षेत्र नागपुर में भी अतिवृष्टि से किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ा है। इसलिए सारे काम रोककर सदन में किसानों के मुद्दे पर चर्चा की जानी चाहिए। इसका उत्तर देते हुए देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि किसानों के नुकसान का आकलन किया जा रहा है। आकलन होते ही जरूरी कदम उठाए जाएंगे।

Edited By: Arun Kumar Singh