भोपाल (जेएनएन)। मध्य प्रदेश सरकार लोकसभा चुनाव से पहले 30 लाख से ज्यादा किसानों के खाते में जय किसान फसल ऋण मुक्ति योजना की रकम पहुंचाने की तैयारी में जुट गई है। जिलों में बैंकों द्वारा बताए कर्ज का किसान के रिकॉर्ड से मिलान कर अंतिम प्रकरण बनाने शुरू कर दिए गए हैं। 23 हजार किसानों की कर्जमाफी की रकम भी तय हो चुकी है।

 जिन किसानों के बैंक खाते आधारकार्ड से लिंक हैं, उनका कर्ज पहले माफ होगा

सूत्रों के मुताबिक सरकार की मंशा लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होने से पहले किसानों के खातों में योजना की रकम पहुंचाने की है। इसके लिए सबसे पहले सहकारी बैंकों के कर्जदार किसानों के खातों में राशि पहुंचाई जाएगी। बताया जा रहा है कि जिन किसानों के बैंक खाते आधारकार्ड से लिंक हैं, उनका कर्ज पहले माफ होगा। कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि 20 फरवरी से जिलों की ओर से प्रभारी मंत्री की अध्यक्षता वाली समिति के अनुमोदन से राशि की मांग आना शुरू हो जाएगी। इस हिसाब से सरकार उन्हें राशि मुहैया कराएगी। जिलों से किसानों के खातों में कर्जमाफी की राशि जमा होगी।

मप्र में 50 लाख 40 हजार किसानों ने किया कर्जमाफी का दावा

मध्य प्रदेश में किसानों की कर्जमाफी के लिए फॉर्म भरने की मंगलवार को आखिरी तारीख थी। देर रात तक सभी जिलों से पहुंचे आंकड़ों के अनुसार प्रदेश के कुल 50 लाख 40 हजार किसानों ने कर्जमाफी के लिए दावा किया है। आखिरी दिन करीब 69 हजार फॉर्म भरे गए।

सबसे ज्यादा फॉर्म दो लाख 28 हजार से ज्यादा सीहोर जिले में भरे गए। वहीं विदिशा जिले में दो लाख 26 हजार और देवास में 2 लाख 17 हजार किसानों ने कर्ज माफी का दावा किया। कृषि विभाग के मुताबिक मंगलवार तक विभिन्न बैंकों ने करीब 25 हजार 239 खातों में 356 करोड़ रुपए के कर्ज माफी करने के दावों का परीक्षण कर लिया था। 22 फरवरी से किसानों के खातों में राशि जाना शुरू हो जाएगी।

Posted By: Sanjeev Tiwari

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस