नई दिल्‍ली, एजेंसियां। पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी समेत तमाम दिग्‍गज हस्तियों ने दुख जताया है। पीएम मोदी ने प्रणब मुखर्जी विद्वान और कद्दावर स्टेट्समैन जबकि अमित शाह ने उन्‍हें अनुभवी नेता थे बताया है। प्रधानमंत्री मोदी ने प्रणब मुखर्जी के साथ अपनी कुछ तस्वीरों को ट्विटर पर साझा भी किया है। एक तस्वीर में वह प्रणब दा का पैर छूकर आशीर्वाद लेते नजर आ रहे हैं।

महामहिम शब्‍द का इस्‍तेमाल बंद कराने का एतिहासिक फैसला किया 

राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा, 'देश का प्रथम नागरिक होते हुए भी वह सभी लोगों के संपर्क में रहते थे। राष्‍ट्रपति भवन तक आम लोगों की पहुंच हो इसके लिए उन्‍होंने काम किया। माननीय 'महामहिम' शब्‍द के इस्‍तेमाल को बंद करने का उनका फैसला ऐतिहासिक था।' राष्‍ट्रपति कोविंद ने आगे कहा कि असाधारण विवेक के धनी, भारत रत्न श्री मुखर्जी के व्यक्तित्व में परंपरा और आधुनिकता का अनूठा संगम था। पांच दशक के अपने शानदार सार्वजनिक जीवन में अनेक उच्च पदों पर आसीन रहते हुए भी वे सदैव जमीन से जुड़े रहे। अपने सौम्य और मिलनसार स्वभाव के कारण राजनीतिक क्षेत्र में वे सबके प्‍यारे नेता थे।

कद्दावर स्टेट्समैन थे प्रणब दा 

पीएम मोदी ने कहा कि भारत रत्न प्रणब मुखर्जी के निधन से देश दुखी है। देश की विकास यात्रा में प्रणब दा ने अमिट छाप छोड़ी है। वह उत्कृष्ट कोटि के विद्वान और कद्दावर स्टेट्समैन थे। उन्‍हें हर सियासी तबके और समाज के सभी वर्गों से तारीफ मिलती थी। एक अन्‍य ट्वीट में प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति रहने के दौरान प्रणब मुखर्जी ने राष्ट्रपति भवन को आम लोगों के लिए और ज्यादा पहुंच वाला बनाया। 

संघ के लिए एक अपूरणीय क्षति 

सरसंघचालक मोहन भागवत ने कहा है कि कुशल प्रशासक, राष्‍ट्रहित सर्वोपरि का भाव जीवन में रख, राजनैतिक भेदभाव से परे सभी दलों में समान रूप से सम्‍मानित पूर्व राष्‍ट्रपति प्रणब मुखर्जी आज हमारे बीच नहीं रहे। भारत के राजनैतिक और सामाजिक जीवन में उपजी इस शून्यता को भरना आसान नहीं होगा। संघ के प्रति उनके प्रेम और सद्भाव के चलते हमारे लिए तो वे एक मार्गदर्शक थे। उनका जाना संघ के लिए एक अपूरणीय क्षति है। 

भारत के इतिहास को प्रतिबिंबित करता है मुखर्जी का जीवन 

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा- प्रणब मुखर्जी पांच दशकों से अधिक समय तक सार्वजनिक जीवन, कांग्रेस पार्टी और केंद्र सरकार का अभिन्न हिस्सा रहे। उन्होंने हर पद पर आसीन होने के साथ उसे सुशोभित करने का काम किया। उनका पिछले 50 वर्षों से अधिक का जीवन भारत के 50 वर्षों के इतिहास को प्रतिबिंबित करता है। उनके साथ काम करने को लेकर मेरी निजी तौर पर बहुत सारी सुखद यादें हैं। कांग्रेस उनके निधन पर गहरा शोक प्रकट करती है और उनकी स्मृति का सदैव सम्मान करेगी।

राजनीतिक जुड़ाव को बाधा नहीं बनने दिया

लोकसभा अध्‍यक्ष ओम बिड़ला ने ट्वीट किया भारत रत्न पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के निधन पर मैं शोक व्यक्त करता हूं। संसदीय व प्रशासनिक क्षेत्र में उनका अनुभव बेजोड़ था। व्यक्तिगत संबंधों में उन्होंने राजनीतिक जुड़ाव को कभी बाधा नहीं बनने दिया। उनका निधन हम सबके लिए एक अपूरणीय क्षति है। 

समर्पण के साथ देश सेवा की

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी पूर्व राष्‍ट्रपति प्रणब मुखर्जी के निधन पर दुख जताया। शाह ने लिखा, वह अनुभवी नेता थे जिन्होंने पूरे समर्पण के साथ देश की सेवा की। प्रणब मुखर्जी के निधन से भारतीय राजनीति में एक बड़ा खालीपन पैदा हुआ है।

शोकसंप्‍त परिवार को गहरी संवेदनाएं

राहुल गांधी ने प्रणब मुखर्जी ने निधन पर शोक संवेदना प्रकट की है। उन्‍होंने ट्वीट कर कहा, 'बहुत दुख के साथ देश को हमारे पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के दुर्भाग्यपूर्ण निधन की खबर मिली है। मैं देश के साथ उन्हें श्रद्धांजलि देता हूं। शोकसंप्‍त परिवार और मित्रों को मेरी गहरी संवेदनाएं।'

सिब्बल ने कांग्रेस का भीष्म पितामह बताया 

कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने कहा कि कांग्रेस पार्टी में उनका योगदान इतिहास के सुनहरे अक्षरों में लिखा जाएगा। वो अपने आप में एक इनसाइक्लोपीडिया थे। ऐसे शख्स राजनीति में बहुत कम दिखते हैं। कांग्रेस पार्टी के वो भीष्म पितामह थे। उनकी सहमति के बिना कांग्रेस पार्टी कोई फैसला नहीं ले सकती थी। 

काम को लोग हमेशा याद रखेंगे

कांग्रेस नेता गुलाम नबी आज़ाद ने कहा, 'प्रणब मुखर्जी जी के निधन पर बहुत दुख हुआ है। उनके काम को लोग हमेशा याद रखेंगे। देश ने एक बहुत अच्छा देशभक्त सपूत खो दिया है। हम प्रार्थना करेंगे कि उनकी आत्मा को शांति मिले। उनके बेटे और बेटी को साहस मिले... 

कांग्रेस के इकलौते अनूठे नेता

जनार्दन द्विवेदी ने कहा कि कांग्रेस की परंपरा में इस समय प्रणब जी अकेले व्यक्ति थे जिनके साथ इतिहास, संस्कृति एवं राजनीति के व्यापक पक्षों पर लंबा संवाद हो सकता था। यह अपूरणीय क्षति है। मेरी विनम्र श्रद्धांजलि।

कमलनाथ बोले, मुझे चुनाव लड़ने को प्रेरित किया 

मध्‍य प्रदेश के पूर्व मुख्‍यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि प्रणब दा से मेरे पुराने संबंध थे, जब मैं नौजवान था और फुल टाइम राजनीति में भी नहीं आया था, तब से उन्होंने मेरा मार्गदर्शन किया है। 1979 में उन्होंने मुझे चुनाव लड़ने के लिए प्रेरित किया। उनसे मैंने बहुत कुछ सीखा है। मैं उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। 

देश के विकास में अतुलनीय योगदान

मध्‍य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि देश के विकास में उनका (पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी) अतुलनीय योगदान रहा है। आजादी के बाद से ही लगातार केंद्र सरकार में विभिन्न पदों पर रहकर उन्होंने मां भारती और जनता की सेवा की है। मैं उनके चरणों में श्रद्धा के सुमन अर्पित करता हूं। 

देश को बहुत बड़ी क्षति हुई 

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने मुखर्जी के निधन पर दुख जताया और कहा कि वह एक महान राजनेता थे। प्रणब मुखर्जी के जाने से देश को बहुत बड़ी क्षति हुई है। उन्हें अर्थव्यवस्था से लेकर आम आदमी से जुड़े मुद्दों की गहरी समझ थी। उनके योगदान के लिए देश उनका सदैव ऋणी रहेगा। 

संकट मोचक थे प्रणब मुखर्जी 

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के निधन से देश को अपूरणीय क्षति हुई है। सरकार जब भी संकट में आती थी तो एक संकट मोचक के रूप में उनका योगदान कभी भुलाया नहीं जा सकता। मैं छत्तीसगढ़ की जनता की ओर से उन्हे विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। 

देश ने एक महान सपूत खोया 

केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि देश ने एक महान सपूत खोया है। भारत रत्न प्रणब मुखर्जी के निधन से पूरा देश दुखी है। चाहे संसद में उनका भाषण हो या उनसे कोई मुलाकात वो हमेशा एक अच्छे शिक्षक के रूप में पेश आए। उनको हमारी भावपूर्ण श्रद्धांजलि। वहीं केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि देश के पूर्व राष्ट्रपति, भारतरत्न प्रणब मुखर्जी जी के निधन से मुझे गहरा दुख हुआ है। उनकी मृत्यु देश के लिए बहुत बड़ी क्षति है। प्रणब दा, उमदा व्यक्तित्व के धनी और अच्छे मित्र थे। 

10 अगस्त को भर्ती कराए गए थे मुखर्जी

पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के निणन की जानकारी उनके पुत्र अभिजीत ने दी। अभिजीत मुखर्जी ने ट्वीट कर कहा कि भारी मन से आपको सूचित कर रहा हूं कि मेरे पिता श्री प्रणब मुखर्जी का निधन हो गया है। आरआर अस्पताल के डॉक्टरों के सर्वोत्तम प्रयासों और देशवासियों की प्रार्थनाओं और दुआओं के लिए सबका हाथ जोड़कर धन्यवाद देता हूं। बता दें कि मुखर्जी (84) को 10 अगस्त को दिल्ली छावनी स्थित अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उसी दिन उनके मस्तिष्क में जमे खून के थक्के को हटाने के लिए उनकी सर्जरी की गई थी। सोमवार सुबह को जारी एक स्वास्थ्य बुलेटिन में कहा गया कि वह गहरे कोमा में हैं और उनको वेंटीलेटर पर रखा गया है।

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस