अरविंद पांडेय, नई दिल्ली। कांग्रेस की 'भारत बचाओ रैली' वैसे तो केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ थी, लेकिन इसमें जिस तरीके से पार्टी के सभी नेताओं ने राहुल गांधी का न सिर्फ जिक्र किया, बल्कि उनके मुद्दों को प्रासंगिक बताने की कोशिश की है, वह इस बात के साफ संकेत हैं कि राहुल गांधी की फिर से पार्टी अध्यक्ष के रुप में ताजपोशी तय है।

रैली के माध्यम से राहुल के लिए जमीन तैयार

शनिवार की यह रैली भी इसकी जमीन को तैयार करने का एक हिस्सा थी। पार्टी ने इसका संदेश देश भर से आए कार्यकर्ताओं के जरिए दे दिया है। साथ ही यह भी बता दिया कि राहुल गांधी ही पार्टी के नेता है और आगे भी रहेंगे।

प्रियंका गांधी ने की राहुल की ताजपोशी की वकालत

पार्टी के भीतर हालांकि राहुल की फिर से ताजपोशी की चर्चा उनके इस्तीफे के बाद से ही लगातार चल रही है। पार्टी के तमाम वरिष्ठ नेता अलग-अलग मंच से उन्हें ही फिर से पार्टी की कमान दिए जाने की वकालत कर चुके है। लेकिन शनिवार को पार्टी की इस बड़ी रैली में सबको यह संदेश देने की कोशिश की गई है। खासबात यह है कि इसकी शुरुआत कांग्रेस महासचिव और राहुल की बहन प्रियंका गांधी ने की।

'मेरे नेता राहुल जी'

उन्होंने अपने संबोधन की शुरुआत ही 'मेरे नेता राहुल जी' से की। इसके बाद भी उन्होंने अपने भाषण में कई बार राहुल गांधी का जिक्र किया। पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के लिए यह साफ संकेत था। खासकर उन लोगों के लिए जो प्रियंका गांधी को पार्टी की कमान देने की वकालत करते दिखते है।

गहलोत ने की राहुल की जोरदार पैरवी

इस बात को मजबूती तब मिली, जब राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राहुल की जोरदार पैरवी की। उन्होंने कहा कि 'चुनाव हारना जीतना एक अलग बात है, सभी को पता है कि कैसे राष्ट्रवाद और सेना के शौर्य के दम पर चुनाव जीता गया है, लेकिन राहुल गांधी ने जो मुद्दे चुनाव के दौरान उठाए थे, वह आज भी प्रासंगिक है। देश की अर्थव्यवस्था दिनों दिन खराब हो रही है। बेरोजगारी बढ रही है।'

छत्तीसगढ़ के सीएम ने बताया राहुल गांधी को भविष्य का नेता

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी राहुल का जिक्र किया। हालांकि वह पहले भी राहुल गांधी की फिर से ताजपोशी की वकालत कर चुके है, जिसमें उन्होंने राहुल गांधी को ही भविष्य का नेता बताया था।

पूर्व पीएम मनमोहन समेत पार्टी के सभी नेताओं ने दी राहुल को तवज्जो

इसके साथ ही पार्टी के वरिष्ठ नेता पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह सहित पार्टी के सभी नेता राहुल गांधी को पूरा तवज्जो देते दिखे। इस सब के साथ एक बात जो देखने को मिली, वह राहुल गांधी का खुद का आत्म विश्वास था, जिससे वह पूरी तरह से भरे हुए दिखे। वैसे भी पार्टी की आगे की राह आसान नहीं है। ऐसे में पार्टी को एक जूझारु चेहरे की जरूरत है, जिसकी पूर्ति फिलहाल राहुल गांधी ही कर सकते हैं।

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