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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 09, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

ईडी के सामने पेशी के बाद कार्ति की चुटकी- 'अफसरों को दशहरा की बधाई देने आया था'

By JP YadavEdited By:
Published: Wed, 09 Oct 2019 12:25 PM (IST)Updated: Wed, 09 Oct 2019 01:01 PM (IST)

आइएनएक्स मीडिया भ्रष्टाचार मामले में पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम के बेटे व आरोपित कार्ति चिदंबरम बुधवार को प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) के समक्ष पेश हुए।

ईडी के सामने पेशी के बाद कार्ति की चुटकी- 'अफसरों को दशहरा की बधाई देने आया था'
ईडी के सामने पेशी के बाद कार्ति की चुटकी- 'अफसरों को दशहरा की बधाई देने आया था'

नई दिल्ली, एएनआइ।  INX Media money laundering case: आइएनएक्स मीडिया भ्रष्टाचार मामले में पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम के बेटे व आरोपित कार्ति चिदंबरम बुधवार को प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) के समक्ष पेश हुए। 

पूछताछ के बाहर निकलने पर ईडी के दफ्तर के बाहर जमा मीडिया के पूछने पर कार्ति ने मजाकिया अंदाज में कहा- 'मैं ईडी अधिकारियों को हेलो कहने और उन्हें दशहरा की बधाई देने आया था।' 

यहां पर बता दें कि आइएनएक्स मीडिया भ्रष्टाचार के ही मामले में पूर्व वित्त मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम में फिलहाल तिहाड़ जेल में बंद हैं। पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने जमानत देने से इनकार कर दिया था। ऐसे में वह 17 अक्टूबर तक जेल में ही रहेंगे। 

गौरतलब है कि केंद्रीय जांच एजेंसी (Central Bureau of Investigation) केंद्रीय जांच ब्यूरो भी आइएनएक्स मीडिया भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों की जांच कर रहा है। आरोप है कि आइएनएक्स मीडिया को गलत तरीके से 350 करोड़ रुपये की रिश्वत दी गई थी। जब यह मंजूरी दी गई थी, तब पी. चिदंबरम देश के वित्त मंत्री थे। चिदंबरम पर कुछ छह मामलों में जांच चल रही है। इनमें सबसे बड़ा मामला आइएनएक्स मीडिया घोटाले से जुड़ा है। इसी के साथ पी. चिदंमबरम और उनके पुत्र कार्ति चिदंबरम एयरसेल मैक्सिस डील में भी आरोपित हैं। 

जानिए- पूरा मामला

सीबीआइ द्वारा दर्ज की गई FIR के मुताबिक, आइएनएक्स मीडिया ने विदेश निवेश की मंजूरी प्राप्त करने के लिए एक कंपनी को रिश्वत दी थी। यह कंपनी पी. चिदंबरम के बेटे कार्ति से जुड़ी है। वहीं, आरोपितों का कहना है कि यह भुगतान सलाह और परामर्श देने के एवज में किया गया था। 

गौरतलब है कि वर्ष- 2007 में विदेशी निवेश से जुड़े इस मामले में सीबीआइ ने केस दर्ज किया था। फिर लंबे समय बाद इसी मामले में वर्ष 2018 में ईडी ने पी. चिदंबरम के खिलाफ मामला दर्ज किया।

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