बंगलौर, एएएनआइ। कर्नाटक में कांग्रेस की प्रदेश महासचिव कविता रेड्डी ने अपनी ही पार्टी पर निशाना साधा है। उन्होंने तीन जून को होने वाले विधान परिषद चुनाव के लिए उम्मीदवारों का चयन करते समय महिलाओं को टिकट नहीं देने पर कहा कि राजनीतिक प्रतिनिधित्व में लैंगिक न्याय के बिना सामाजिक न्याय अप्रासंगिक और अधूरा है।

'50 प्रतिशत आबादी को नजरअंदाज करना बेहद अनुचित'

कविता रेड्डी ने कहा कि 50 प्रतिशत आबादी को नजरअंदाज करना बेहद अनुचित और परेशान करने वाला है। कांग्रेस ने लगातार तीसरी बार विधान परिषद में महिलाओं को प्रतिनिधित्व नहीं दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस 50 प्रतिशत आबादी की अनदेखी क्यों कर रही है? क्या हमारी विधानसभा, परिषद या संसद में महिलाओं का कोई प्रतिनिधित्व नहीं है? क्या यहां महिलाओं के लिए प्रवेश नहीं है?

'पुरुषों के बराबर महिलाओं को भी मिले अवसर'

कविता रेड्डी ने कहा कि जब पुरुषों को इतने अवसर मिलते हैं तो महिलाओं को क्यों नहीं? क्या वे कांग्रेस पार्टी में नेतृत्व का प्रतिनिधित्व नहीं करती हैं? जब महिलाओं को अवसर नहीं दिया जाएगा तो आप उनसे कैसे आगे बढ़ने की उम्मीद कर सकते हैं? उम्मीद है सुधार किया जाएगा।

तीन जून को होगा एमएलसी चुनाव

कर्नाटक विधान परिषद चुनाव (Karnataka MLC Elections) तीन जून को होगा। यह चुनाव कराना इसलिए जरूरी है क्योंकि सात सदस्यों के कार्यकाल की अवधि 14 जून को समाप्त हो रही है। इस बीच, भाजपा ने विधान परिषद चुनाव के लिए चार उम्मीदवारों की घोषणा की है। भाजपा ने चुनाव लड़ने के लिए वरिष्ठ नेताओं लक्ष्मण सावदी, एस केशव प्रसाद, हेमलता नायक और चलवाडी नारायणस्वामी को चुना है।

Edited By: Achyut Kumar