मोदी सरकार - 2.0 के 100 दिन

नई दिल्‍ली/बेंगलुरू, एजेंसी। Karnataka Crisis कर्नाटक में सियासी उठा पटक के बीच कांग्रेस के 21 मिनिस्‍टर्स के साथ साथ जेडीएस के भी सभी मंत्रियों ने सोमवार को अपने पद से इस्‍तीफा दे दिया। मुख्‍यमंत्री कार्यालय ने कहा है कि जल्‍द ही दोबारा कैबिनेट गठित की जाएगी। इससे पहले राज्‍य के मंत्री एवं निर्दल विधायक एच नागेश (H Nagesh) ने मंत्री पद से इस्‍तीफा देने के साथ ही मौजूदा कांग्रेस-जेडीएस सरकार (JD(S)-Congress) से समर्थन वापस लेने का एलान कर दिया। लोकसभा में भी कर्नाटक में गहराए राजनीतिक संकट पर कांग्रेस सांसदों ने लोकसभा में हंगामा किया। कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने इस सियासी संकट के लिए भाजपा को जिम्‍मेदार ठहराया जबकी केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भाजपा का इससे कोई लेना देना नहीं है।

अल्‍पमत में दिख रही कांग्रेस-जेडीएस सरकार
नागेश को हाल ही में लघु उद्योग मंत्री के रूप में मंत्रिमंडल में शामिल किया गया था। उन्‍होंने सोमवार को राज्‍यपाल वजुभाई वाला (Governor Vajubhai Vala) को अपना इस्‍तीफा सौंपा। इसके बाद अब सरकार का साथ छोड़ने वाले विधायकों की संख्‍या 14 हो गई है। इससे सरकार अल्‍पमत में आती दिखाई दे रही है। अब तक 13 विधायक विधानसभा अध्‍यक्ष को अपना इस्‍तीफा सौंप चुके हैं। यदि सभी इस्‍तीफे स्‍वीकार कर लिए जाते हैं तो विधानसभा में कांग्रेस-जेडीएस सत्‍तारूढ़ गठबंधन के पास विधायकों की संख्‍या 104 रह जाएगी जबकि मुख्य विपक्षी दल भाजपा के पास विधानसभा में कुल 105 सदस्य हैं। ऐसे बदले समीकरण में माना जा रहा है कि भाजपा सरकार बनाने की कोशिश कर सकती है।

निर्दलीय विधायक नागेश बोले, भाजपा को देंगे समर्थन
निर्दलीय विधायक नागेश ने राज्‍यपाल को इस्‍तीफा लिखकर कांग्रेस-जेडीएस सरकार से समर्थन वापसी की घोषणा के साथ यह भी साफ किया कि यदि भाजपा समर्थन मांगती है तो वह उसका समर्थन करेंगे। इस्तीफा देने के बाद नागेश भी मुंबई के लिए रवाना हो गए। बता दें कि कांग्रेस-जेडीएस के 13 बागी विधायक पहले से ही मुंबई के एक होटल में ठहरे हुए हैं। सूत्र बताते हैं कि अशोक चव्हाण समेत महाराष्ट्र कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं को कर्नाटक के बागी विधायकों से किसी तरह संपर्क साध वापस लाने का प्रयास करने के लिए कहा गया है। लेकिन ये नेता बागी विधायकों से संपर्क नहीं कर पा रहे हैं।

भाजपा बोली, कुमारस्‍वामी छोड़ें सीएम पद
कर्नाटक कांग्रेस विधायक दल के नेता सिद्दारमैया ने संवाददाताओं को बताया कि राज्‍य कांग्रेस के 21 मंत्रियों ने स्‍वेच्‍छा से अपना इस्‍तीफा दे दिया है। माना जा रहा है कि संकट को सुलझाने की सभी कोशिशें बेकार होने के बाद बेंगलुरू में जी परमेश्‍वर के आवास पर हुर्इ बैठक में कांग्रेस म‍ंत्रियों के इस्‍तीफे का फैसला लिया गया। वहीं भाजपा ने मुख्‍यमंत्री एचडी कुमारस्‍वामी से पद छोड़ने की मांग की है। भाजपा नेता शोभा करंदलाजे (Shobha Karandlaje) ने बेंगलुरू में येद्दयुरप्‍पा (BS Yeddyurappa) के आवास पर बैठक के बाद कहा कि कर्नाटक के मुख्‍यमंत्री को तुरंत इस्‍तीफा दे देना चाहिए।  

कांग्रेस का आरोप, संकट के पीछे भाजपा नेताओं का हाथ
माना जा रहा है कि संकट को सुलझाने की सभी कोशिशें बेकार होने के बाद बेंगलुरू में जी परमेश्‍वर के आवास पर हुर्इ बैठक में कांग्रेस म‍ंत्रियों के इस्‍तीफे का फैसला लिया गया। कांग्रेस सांसद डीके सुरेश ने आरोप लगाया कि इस सियासी संकट के पीछे भाजपा के नेताओं का हाथ है। भाजपा के लोग नहीं चाहते हैं कि देश या राज्‍य में किसी भी विपक्षी पार्टी का शासन हो। भाजपा के नेता लोकतंत्र को बर्बाद कर रहे हैं। उन्‍होंने यह भी कहा कि कांग्रेस के सभी मंत्री इस्‍तीफा देने जा रहे हैं। इस बीच कर्नाटक के मुख्‍यमंत्री एवं जेडीएस नेता कुमारस्‍वामी (HD Kumaraswamy) ने दावा किया है कि इस संकट को सुलझा लिया गया है। यह सरकार सुचारु रूप से चलेगी। 

इस्‍तीफे स्‍वीकार किए तो गिर जाएगी सरकार
राज्य की 224 सदस्यीय विधानसभा में सत्तारूढ़ गठबंधन के अब 117 विधायक हैं, जिनमें स्पीकर के अलावा कांग्रेस के 78 विधायक, जदएस के 37 विधायक, बसपा का एक विधायक और एक निर्दलीय विधायक शामिल है। अगर विधायकों के इस्तीफे स्वीकार कर लिए जाते हैं तो मुख्यमंत्री एच डी कुमारस्वामी की 13 माह पुरानी गठबंधन सरकार बहुमत खो देगी। सनद रहे कि स्पीकर रमेश कुमार ने शनिवार को कहा था कि सरकार गिर जाएगी या बरकरार रहेगी, इस बारे में विधानसभा में फैसला होगा। विधानसभा का सत्र 12 जुलाई से शुरू हो रहा है।

विधानसभा भंग करने के विकल्प पर भी गौर
कांग्रेस ने नौ जुलाई को विधायक दल की बैठक बुलाई है और इसमें शामिल नहीं होने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। कांग्रेस सूत्रों ने कहा कि इस्तीफा देने वाले कांग्रेस विधायक नहीं लौटते हैं तो फिर कर्नाटक की सत्ता सियासत को लेकर कांग्रेस और जदएस कड़े निर्णायक फैसले के विकल्प पर भी गौर कर सकती हैं। इसमें कुमारस्वामी सरकार के औपचारिक रूप से अल्पमत में आने से पूर्व कैबिनेट से विधानसभा भंग करने के प्रस्ताव का भी एक विकल्प होगा।

येद्दयुरप्पा बोले- स्पीकर के फैसले के बाद निर्णय करेगी भाजपा
कर्नाटक भाजपा के अध्यक्ष बीएस येद्दयुरप्पा ने कहा है कि विधायकों के इस्तीफे पर विधानसभा स्पीकर के फैसले के बाद भाजपा कोई फैसला करेगी। येद्दयुरप्पा ने कहा कि हम कोई संन्यासी नहीं हैं। विधायकों के इस्तीफे पर स्पीकर के फैसले के बाद पार्टी केंद्रीय नेतृत्व के साथ विचार-विमर्श कर कोई फैसला करेगी। वहीं केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने दावा किया कि कांग्रेस नेता एवं कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्दरमैया और मौजूदा मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी के बीच ‘सत्ता संघर्ष’ के चलते राज्य में राजनीतिक संकट पैदा हुआ है।  

Posted By: Krishna Bihari Singh

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