नई दिल्ली, एएनआइ। अभिनेता से नेता बने कमल हासन और फिल्म उद्योग के निर्माता और निर्देशक गिल्ड के प्रतिनिधि मंगलवार को सिनेमैटोग्राफी (संशोधन) विधेयक 2021 पर चर्चा के लिए सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) पर संसदीय स्थायी समिति द्वारा बुलाई गई बैठक में भाग लेंगे। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा सांसद शशि थरूर के नेतृत्व वाली संसदीय स्थायी समिति ने फिल्म उद्योग की राय जानने के लिए बैठक बुलाई है। हाल ही में सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने सिनेमैटोग्राफी संशोधन विधेयक 2021 पर जनता की राय मांगी है। सरकार ने अभी तक संसद में विधेयक पेश नहीं किया है।

संसदीय समिति के सूत्रों ने एएनआई को बताया कि कमल हासन अभिनेताओं के प्रतिनिधि की ओर से समिति की बैठक में शामिल होंगे, जबकि निर्देशकों और निर्माताओं को अपनी चिंताओं को प्रतिनिधियों के माध्यम से और लिखित रूप में पैनल को भेजना होगा। संसदीय पैनल ने सूचना और प्रसारण मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों को पैनल के सदस्यों और उसके हितधारकों के सामने बिल के बारे में विवरण पेश करने के लिए बुलाया है।

विशेष रूप से कमल हासन ने आगामी सिनेमैटोग्राफी संशोधन विधेयक 2021 पर असंतोष दिखाया है क्योंकि यह केंद्र को केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) द्वारा पहले ही मंजूरी दे दी गई फिल्मों के प्रमाणन की फिर से जांच करने के लिए शक्तियां देता है। हसन ने ट्वीट किया, 'सिनेमा, मीडिया और साहित्यकार भारत के तीन प्रतिष्ठित बंदर होने का जोखिम नहीं उठा सकते हैं। बुराई को देखना, सुनना और बोलना लोकतंत्र को चोट पहुंचाने और कमजोर करने के प्रयासों के खिलाफ एकमात्र दवा है। कृपया स्वतंत्रता के लिए अपनी चिंता व्यक्त करें।'

Edited By: Manish Pandey