नई दिल्ली, प्रेट्र। भारत करतारपुर साहिब गलियारे की चार किलोमीटर पट्टी विकसित करेगा। यह पट्टी पंजाब के गुरुदासपुर जिले में डेरा बाबा नानक से पाकिस्तान से लगती अंतरराष्ट्रीय सीमा तक विकसित की जाएगी। यह जानकारी गुरुवार को संसद में दी गई। बहुप्रतीक्षित गलियारा पाकिस्तान के करतारपुर में स्थित दरबार साहिब को भारत में डेरा बाबा नानक से जोड़ेगा। सिखों के लिए करतारपुर साहिब गुरुद्वारे का विशेष महत्व है। गुरु नानक देव ने यहीं 18 साल बिताए थे।

राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्री मनसुख लाल मंदाविया ने लोकसभा में एक लिखित उत्तर में कहा, 'भारत सरकार ने गुरुदासपुर जिले में डेरा बाबा नानक से पाकिस्तान के साथ लगती अंतरराष्ट्रीय सीमा तक गलियारा विकसित करने का फैसला लिया है।' सवाल पूछा गया था कि क्या राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकार ने गलियारे पर विकास किया है या विकास करने की कोई योजना बनाई है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सड़क परियोजना की अनुमानित दूरी लगभग चार किलोमीटर है। सड़क पर काम शुरू कर दिया गया है।

26 नवंबर को उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू और पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने गलियारे का शिलान्यास किया था। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 22 नवंबर को गलियारा बनाने का फैसला लिया था।

सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव ने करतारपुर में अपने जीवन के 18 वर्ष बिताए थे। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने 28 नवंबर को पाकिस्तान में गलियारे के लिए शिलान्यास किया था। यह गलियारा भारतीय सिख तीर्थयात्रियों को वीजा मुक्त आवाजाही की सुविधा प्रदान करेगा।

 

Posted By: Arun Kumar Singh

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