नई दिल्ली, आइएएनएस। देश में निजी डाटा की सुरक्षा के लिए जल्द कानून बन सकता है। सोमवार से शुरू हो रहे संसद के शीतकालीन सत्र में सरकार इससे संबंधित विधेयक लाने की तैयारी में है।                              

सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने हाल में कहा था कि सरकार लोगों के परामर्श के बाद संसद में निजी डाटा संरक्षण विधेयक, 2018 पेश करेगी। सरकार ने पिछले साल विधेयक का मसौदा जारी किया था, जिसका कई वैश्विक कंपनियों ने विरोध किया था। कंपनियों का कहना था कि इससे उनका कारोबार प्रभावित होगा। साथ ही परिचालन व्यय भी बढ़ेगा।

विधेयक का मसौदा जस्टिस बीएन श्रीकृष्ण द्वारा जुलाई, 2018 में सौंपी गई रिपोर्ट पर आधारित था। विधेयक के अंतिम मसौदे के बारे में जानकारी नहीं मिली है। लेकिन मसौदा विधेयक में लोगों के डाटा का इस्तेमाल उनकी अनुमति से ही करने का प्रावधान किया गया था। साथ ही डाटा संग्रह के लिए देश में ही सरवर रूप स्थापित करने का नियम बनाया गया था।

प्रस्तावित विधेयक में डाटा सुरक्षा के नियमों के उल्लंघन पर 15 करोड़ रुपये या कंपनी के कुल टर्नओवर के चार फीसद जुर्माना लगाने का प्रावधान है। हाल के दिनों में वाट्सएप पर डाटा की सुरक्षा में लगी सेंध के बाद सरकार और सतर्क हो गई है। इस मामले को लेकर बवाल मचा था। वाट्सएप मामले में रवि शंकर प्रसाद ने कहा था कि सरकार निजता को गंभीरता से लेती है और सूचना की गोपनीयता इसी का हिस्सा है।

Posted By: Manish Pandey

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