नई दिल्ली, एएनआइ। टोक्यो क्वाड शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए पीएम रविवार रात जापान के लिए रवाना हो गए हैं। जापानी प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा के निमंत्रण पर पीएम मोदी 23 से 24 मई तक टोक्यो के दौरे पर रहेंगे। भारत में निवेश को और बढ़ावा देने के लिए पीएम मोदी का यह दौरा बेहद अहम होने वाला है। जापानी कारोबारी के साथ प्रधानमंत्री मोदी की व्यस्तताओं पर एक संक्षिप्त जानकारी देते हुए जापान में भारतीय राजदूत संजय कुमार वर्मा ने कहा कि टोक्यो नई दिल्ली में अवसरों के बारे में उत्साहित है। पीएम मोदी और उनके जापानी समकक्ष फुमियो किशिदा की भारत में सार्वजनिक, निजी और वित्त पोषण के माध्यम से पांच ट्रिलियन जापानी येन निवेश की महत्वाकांक्षा है।

समाचार एजेंसी एएनआइ को वर्मा ने बताया कि जापान भारत में अवसरों के बारे में बहुत उत्साहित है। विशेष रूप से पीएलआई योजना योजनाओं के बारे में। इसलिए उन्हें हमें बेहतर ढंग से समझने की जरूरत है। मार्च 2022 में जब दोनों देशों के प्रधानमंत्री इस साल नई दिल्ली में 14वें शिखर सम्मेलन में मिले, तो उन्होंने पांच ट्रिलियन जापानी येन को सार्वजनिक, निजी और वित्तपोषण मोड के माध्यम से भारत में निवेश करने की महत्वाकांक्षा थी। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि विश्वसनीय आपूर्ति श्रृंखलाओं के विविधीकरण के लिए क्वाड लीडर भी पहल करेंगे और उन पर खास चर्चा करेंगे।

भारत हिंद प्रशांत क्षेत्र में समृद्धि, शांति और देखता है स्थिरता

जापान में भारत के राजदूत ने कहा कि भारत हिंद प्रशांत क्षेत्र में समृद्धि, शांति और स्थिरता देखता है। हमारे लिए आपूर्ति श्रृंखला मुख्य मुद्दा बने रहेंगे। भारत, जापान और आस्ट्रेलिया ने आपूर्ति श्रृंखला लचीलापन पहल (SCRI) पर एक त्रिपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।

आपसी हित के विभिन्न पहलों और मुद्दों पर चर्चा करने का अवसर: पीएम मोदी

बता दें कि जापानी प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा के निमंत्रण पर क्वाड शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए पीएम मोदी रविवार रात जापान के लिए रवाना हो गए हैं। जापान की अपनी निर्धारित यात्रा से पहले पीएम मोदी ने रविवार को कहा कि क्वाड शिखर सम्मेलन के दौरान नेताओं को एक बार फिर आपसी हित के विभिन्न पहलों और मुद्दों पर चर्चा करने का अवसर मिलेगा।

गौरतलब है कि इससे पहले मार्च 2022 में जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा 14वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए भारत आए थे।

Edited By: Dhyanendra Singh Chauhan