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नववर्ष पर भारत व चीन की सेनाओं ने भरोसा बढ़ाने के लिए नाथू ला में की बैठक

दोनों प्रतिनिधिमंडलों ने स्वतंत्र और सौहार्दपूर्ण वातावरण में बातचीत की।

By Bhupendra SinghEdited By: Published: Tue, 01 Jan 2019 11:25 PM (IST)Updated: Wed, 02 Jan 2019 08:22 AM (IST)
नववर्ष पर भारत व चीन की सेनाओं ने भरोसा बढ़ाने के लिए नाथू ला में की बैठक
नववर्ष पर भारत व चीन की सेनाओं ने भरोसा बढ़ाने के लिए नाथू ला में की बैठक

नई दिल्ली, प्रेट्र। भारत और चीन की सेनाओं ने मंगलवार को सिक्किम के नाथू ला में बैठक की और नववर्ष के मौके पर एक दूसरे को बधाई दी। सेना की पूर्वी कमान ने एक ट्वीट में कहा कि भारतीय सेना और पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के जवानों के बीच आपसी विश्वास और भरोसा बढ़ाने के लिए एक जनवरी को नाथू ला में संयुक्त रूप से नववर्ष मनाया गया। उन्होंने एक-दूसरे को बधाई और शुभकामनाएं दी। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर्नल स्तर के अधिकारियों ने किया। उल्लेखनीय है कि दोनों देशों की सेनाओं के बीच 2017 में डोकलाम में गतिरोध पैदा हुआ था।

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पूर्वी लद्दाख और अरुणाचल में भी दोनों देशों की सैनिकों ने दी एक दूसरे को बधाई

नववर्ष के मौके पर 'बॉर्डर पर्सनल मीटिंग' (बीपीएम) भी हुई। रक्षा प्रवक्ता ने बताया कि पीएलए के निमंत्रण पर, पूर्वी लद्दाख के दौलत बेग ओल्डी-टीडब्ल्यूडी और चुशूल-मोलदो में भी नववर्ष मनाने के लिए दोनों देशों की बीपीएम आयोजित की गई। उन्होंने कहा कि भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व मेजर जनरल संजीव राय और कर्नल एसएस लांबा ने किया वहीं चीनी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व सीनियर कर्नल लिउ हू जी और कर्नल सोंग झांग ली ने किया।

प्रवक्ता ने कहा कि दोनों प्रतिनिधिमंडलों ने स्वतंत्र और सौहार्दपूर्ण वातावरण में बातचीत की। प्रतिनिधिमंडलों ने मौजूदा सौहार्दपूर्ण संबंधों को बढ़ाने तथा सीमा पर शांति बनाए रखने की दिशा में प्रतिबद्धता और मित्रता की भावना के बीच बातचीत की।

भारत और चीन के सैनिकों ने अरुणाचल प्रदेश के तवांग जिले के बुमला में भी संयुक्त रूप से नववर्ष मनाया। यह स्थान समुद्र तल से 15 हजार फुट ऊंचा है और पहाड़ बर्फ से ढके हुए हैं। यहां का तापमान शून्य से भी नीचे है। एक रक्षा विज्ञप्ति के अनुसार दोनों पक्षों ने एक दूसरे को गर्मजोशी से बधाई दी।

समारोह का आयोजन पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) द्वारा और कर्नल हू तांग शेंग के नेतृत्व में बुमला के चीनी क्षेत्र में किया गया था। भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर्नल प्रसेनजित करंद ने किया। बुमला, तवांग से करीब 32 किलोमीटर दूर है। यह संवेदनशील सीमा की रक्षा करने वाले भारतीय और चीनी सैनिकों के लिए पांच बीपीएम स्थानों में से एक है।


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