जागरण संवाददाता, कोलकाता। कोलकाता के ईडन गार्डंस में बांग्लादेश और भारत के बीच भले ही प्रतिस्पर्धात्मक मैच खेला जा रहा है, लेकिन शुक्रवार की शाम दोनों देशों के मजबूत रिश्तों में एक और गांठ बांध दी गई। इस ऐतिहासिक मैच का शुभारंभ करने आई बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना और बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने होटल ताज में विभिन्न मुद्दों को लेकर बैठक की।

बांग्लादेशी प्रधानमंत्री संग बैठक को बंगाल की मुख्यमंत्री ने बताया सौहार्दपूर्ण

ममता ने इस बैठक को सौहार्दपूर्ण बताया तो मुक्ति युद्ध में भारत के योगदान की सराहना करते हुए शेख हसीना भी अभिभूत थीं। हसीना ने कहा कि हम हमेशा भारत प्रथम की नीति पर चलते हैं। इस भावुक पल में ममता ने हसीना को साड़ी और दो शॉल भेंट कर अतिथि के सम्मान की परंपरा निभाई।

व्यापारिक व सांस्कृतिक जैसे अहम मसलों पर हुई वार्ता

करीब घंटे भर चली बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि यह एक सौजन्य मुलाकात थी, जिसमें दोनों देशों के बीच व्यापारिक व सांस्कृतिक आदान-प्रदान समेत अन्य कई अहम मसलों पर विस्तार से बातचीत हुई। उन्होंने कहा कि बंगाल और बांग्लादेश के बीच हमेशा से ही मधुर संबंध रहे हैं और इस संबंध को आगे भी बनाए रखना हमारी जिम्मेदारी है।

हसीना ने कहा- गांगुली के निमंत्रण पर डे-नाइट टेस्ट मैच देखने ईडन गार्डस पहुंची

शेख हसीना ने कहा कि बीसीसीआइ अध्यक्ष सौरव गांगुली के निमंत्रण पर वह कोलकाता के ऐतिहासिक ईडन गार्डस में भारत व बांग्लादेश के बीच खेले जा रहे डे-नाइट टेस्ट मैच के शुभारंभ के मौके पर उपस्थित हुई और उन्हें यहां आकर बहुत खुशी हुई।

हसीना बांग्लादेशी खिलाडि़यों के प्रदर्शन से खुश नहीं

उन्होंने कहा कि वह बांग्लादेशी खिलाडि़यों के प्रदर्शन से खुश नहीं हैं, क्योंकि खिलाडि़यों ने आशा के अनुरूप प्रदर्शन नहीं किया।

मुक्ति युद्ध में भारत के योगदान को बांग्लादेश हमेशा याद करता है- हसीना

भारत-बांग्लादेश संबंध पर उन्होंने कहा कि मुक्ति युद्ध में भारत के योगदान को बांग्लादेश हमेशा याद व सम्मान करता है। इस देश ने हमारे शरणार्थियों को आसरा ही नहीं, बल्कि हमारे समर्थन में जंग भी लड़ी। इस दृष्टि से हम हमेशा भारत प्रथम की नीति पर चलते हैं। उन्होंने कहा कि आगे दोनों देशों के बीच रिश्तों को और अधिक प्रगाढ़ करने की दिशा में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी संग उनकी बातचीत हुई। इसके अलावा द्विपक्षीय व्यापारिक संबंधों पर भी उनकी बातचीत हुई।

भारत और बांग्लादेश के बीच में तीस्ता नदी के जल बंटवारे को लेकर लंबे समय से विवाद

गौरतलब है कि भारत और बांग्लादेश के बीच में तीस्ता नदी के जल बंटवारे को लेकर लंबे समय से विवाद है। यह समझौते बंगाल के विरोध की वजह से अबतक परवान नहीं चढ़ पाया है। तर्क यह है कि समझौता हो जाने से बंगाल का हक मारा जाएगा। इस विषय पर भी बातचीत होने की उम्मीद थी, लेकिन दोनों नेताओं ने मीडिया से इस विषय में कुछ भी कहने से इन्कार कर दिया। माना जा रहा है कि इस नाजुक मसले पर दोनों के बीच जरूर कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा हुई होगी।

Posted By: Bhupendra Singh

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