मुंबई, आइएएनएस। गुजरात की एक अदालत ने भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी को 52 करोड़ रुपये के सीमा शुल्क चोरी मामले में भगोड़ा घोषित किया है। कोर्ट ने भगोड़े हीरा कारोबारी को 15 नवंबर को हाजिर होने के लिए कहा है। गुजरात और महाराष्ट्र के विभिन्न समाचार पत्रों में सार्वजनिक सूचना जारी की गई है।

कोर्ट ने आपराधिक दंड प्रक्रिया संहिता 82 के तहत नीरव मोदी के भगोड़ा होने का उल्लेख करते हुए सरकार और सभी विभागों को भी सूचना भेजी है ताकि वह अग्रिम जमानत हासिल नहीं कर सके।

भगोड़े हीरा कारोबारी से गुजरात की कोर्ट ने 15 नवंबर को हाजिर होने के लिए कहा

सूरत के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी बीएच कपाडि़या ने गुरुवार को सीमा शुल्क विभाग की ओर से आठ अगस्त को दायर अर्जी स्वीकार कर ली। भगोड़ा हीरा कारोबारी 13500 करोड़ रुपये के पंजाब नेशनल बैंक घोटाले में भी मुख्य आरोपित हैं। सीमा शुल्क के उपायुक्त आरके तिवारी ने अगस्त में नीरव और उसकी फर्म फायरस्टार डायमंड इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड और राडाशिर ज्वेलरी प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ अर्जी दायर की थी।

हीरा कारोबारी और उसकी फर्म ने 2014 के आसपास हीरा आयात किया था। इस काम में सरकार की उस योजना का लाभ लिया था जिसके तहत सूरत के विशेष आर्थिक जोन में प्रसंस्करण के बाद निर्यात करने के लिए कच्चे माल के आयात पर शुल्क से छूट मिली हुई थी, लेकिन कटिंग और पॉलिश के बाद हीरा घरेलू बाजार में ही करीब 900 करोड़ रुपये में बेचे गए।

नीरव और उसकी फर्म ने करीब 52 करोड़ रुपये के सीमा शुल्क की चोरी की। राजस्व गुप्तचर निदेशालय ने यह चोरी पकड़ी। चोरी छिपाने के लिए नीरव मोदी ने दुबई, हांगकांग, कनाडा और अमेरिका को कम गुणवत्ता के हीरे निर्यात किए। इसके बाद कोर्ट ने उसे समन भेजा और हाजिर नहीं होने पर 22 जून को गिरफ्तारी वारंट जारी किया था।

 

Posted By: Bhupendra Singh