अहमदाबाद, ब्‍यूरो/एजेंसी। पाटीदार नेता हार्दिक पटेल (Hardik Patel) के खिलाफ बीते 20 दिनों में दूसरी बार कोर्ट से गैरजमानती वारंट जारी हुआ है। यह आदेश 2015 के देशद्रोह मामले में अदालत में पेश नहीं होने को लेकर जारी किया गया है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश बीजी गणात्रा ने हार्दिक के वकील की दलीलों को खारिज करते हुए उनके खिलाफ शुक्रवार को दूसरी बार गैरजमानती वारंट जारी कर दिया। हार्दिक पटेल को जज गणात्रा की ओर से जारी वारंट पर ही 18 जनवरी को गिरफ्तार किया गया था।

अदालत ने उक्‍त गिरफ्तारी वारंट पटेल द्वारा निजी पेशी से छूट का अनुरोध करने वाली अर्जी के खिलाफ सरकार की याचिका स्वीकार करते हुए जारी किया था। हालांकि अदालत ने 22 जनवरी को हार्दिक को इस शर्त पर जमानत दी थी कि वह अदालत की कार्यवाही में मदद करेंगे और पेशी के दौरान हाजिर रहेंगे। अदालत ने यह भी कहा था कि हार्दिक तब तक स्थगन का अनुरोध नहीं करेंगे, जब तक कोई वाजिब कारण नहीं हो। बीते दिनों अदालत ने इस बात पर गौर किया था कि पटेल कार्यवाही में सहयोग नहीं कर रहे हैं और हाज‍िर नहीं होकर अपनी जमानत की शर्तों का उल्लंघन कर रहे हैं।

आज जब पटेल एक बार फिर अनुपस्थित रहे तो अदालत ने एक नया गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया। वैसे आज यानी शुक्रवार को उनके वकील ने कहा कि हार्दिक की ओर से दाखिल अंतरिम जमानत की अर्जी विचाराधीन है, इसलिए वे कोर्ट में हाजिर नहीं हुए। अदालत ने पटेल के वकील की यह दलील स्वीकार नहीं की कि यदि वह यहां पेश होंगे तो गिरफ्तार हो जाएंगे। उल्लेखनीय है कि हार्दिक के खिलाफ वर्ष 2015 में पाटीदार आरक्षण आंदोलन के दौरान राज्यभर में कई मामले दर्ज हुए थे। इनमें कुछ मामले देशद्रोह से भी संबंधित हैं। 

Posted By: Krishna Bihari Singh

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