रायपुर/बिलासपुर। छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस के सुप्रीमो पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने साफ किया है कि वे राजनांदगांव से ही विधान सभा का चुनाव लड़ेंगे। दो दिन पहले ही पूर्व मुख्यमंत्री ने अपनी बहू को राजनांदगांव जिले का प्रभारी बनाकर अपने इस निर्णय को और पुख्ता किया था। लेकिन मंगलवार को उनके पुत्र अमित जोगी ने मीडिया को बयान दिया कि वे पापा और मरवाही की जनता के बीच नहीं आएंगे। अमित ने यह भी कहा कि मरवाही और अजीत जोगी एक दूसरे के पर्याय हैं। अमित जोगी के इस बयान के बाद अजीत जोगी के मरवाही से विधान सभा चुनाव लड़ने की चर्चा जोर पकड़ने लगी। लेकिन शाम को अजीत जोगी ने नईदुनिया से चर्चा में इन अटकलों पर विराम लगा दिया।

उन्होंने कहा कि वह राजनांदगांव से ही चुनाव लड़ेंगे और वहां अपना पूरा दम दिखाएंगे। दरअसल अमित जोगी ने कहा था कि वह मरवाही के नेता नहीं हैं, अजीत जोगी मरवाही के कमिया (मजदूर) नंबर एक और वह कमिया नंबर दो हैं। उन्होंने कहा कि मैं स्वयं को मरवाही का विधायक नहीं मानता हूं, मरवाही से हमारा दिल का रिश्ता है, वहां चुनाव महत्वपूर्ण नहीं है। वहां के लोग मिलजुलकर हमें विधान सभा भेजते हैं, ताकि हम उनकी आवाज बुलंद कर सकें। उनके इस बयान के बाद यह समझा गया कि वे मरवाही से चुनाव लड़ने के इच्छुक नहीं हैं और अजीत जोगी वहां से भी चुनाव लड़ेंगे। ज्ञात हो कि पहली बार चुनाव में उतरने जा रही छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस ने प्रदेश में करीब 36 विधानसभा सीटों पर अपने प्रत्याशियों का नाम घोषित कर दिया है। इस सूची में पार्टी सुप्रीमो अजीत जोगी का नाम राजनांदगांव के प्रत्याशी के तौर पर जारी किया जा चुका है।

हाल ही में जोगी ने अपनी बहू रिचा जोगी के चुनाव लड़ने की अटकलों को खारिज करते हुए उनको राजनांदगांव जिले का प्रभारी बनाया है। ऐसे में अमित जोगी के बयान से असमंजस की स्थिति बन रही थी। अमित जोगी ने जैसे ही यह कहा कि वे मरवाही की जनता और पापा के बीच नहीं आएंगे यह कहा जाने लगा कि अजीत दो सीटों से चुनाव लड़ेंगे। मरवाही को लेकर पहले से ही राजनीतिक हलकोें में अटकलें लगाई जा रहीं हैं। जकांछ ही नहीं कांग्रेस व भाजपा के नेताओं की भी नजर जोगी की इस परंपरागत सीट पर है। हालांकि अब स्थिति साफ है। अजीत जोगी राजनांदगांव से ही चुनाव लड़ेंगे और पार्टी मरवाही पर अपने पत्ते बाद में खोलेगी।

मुख्यमंत्री बनने के बाद मरवाही से लड़े थे जोगी

वर्ष 2000 में छत्तीसगढ़ राज्य बना तो अजीत जोगी को कांग्रेस ने मुख्यमंत्री बनाया। जोगी तब विधायक नहीं थे। मरवाही के तत्कालीन भाजपा विायक रामदयाल उइके ने जोगी के लिए अपनी सीट खाली की थी। राज्य की राजनीति में उइके के इस निर्णय से बवाल मचा और उइके ने पार्टी भी छोड़ दी थी। जोगी उप चुनाव में प्रचंड मतों से जीते। इसके बाद 2003 और 2008 के विधानसभा चुनाव में भी जोगी यहां से लड़े और जीते। 2013 में उन्होंने अपनी यह सीट अपने बेटे अमित जोगी के लिए खाली कर दी। अमित अब मरवाही के कांग्रेस विधायक हैं। हालांकि वे कांग्रेस से निलंबित किए जा चुके हैं।

Posted By: Ramesh Mishra