जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। केंद्र से जीएसटी कंपनसेशन मिलने में आ रही दिक्कतों पर बुधवार को विपक्षी दल शासित राज्यों के वित्त मंत्री और उनके प्रतिनिधियों ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात की। राज्यों ने अपनी समस्या के बारे में सीधे वित्त मंत्री को बताते हुए उन्हें एक ज्ञापन भी सौंपा है।

राज्यों की माली हालत खस्ताहाल

इन राज्यों ने एक तरह से त्राहिमाम संदेश देते हुए कहा है कि उनकी माली हालत बहुत खस्ताहाल हो रही है और अगर जल्द ही केंद्र ने उनके हिस्से के बराबर राशि की भरपाई नहीं की तो राज्यों को भारी वित्तीय संकट का सामना करना पड़ेगा। यह बैठक जीएसटी काउंसिल की तरफ से राज्यों को जीएसटी संग्रह की खराब स्थिति और कंपनसेशन देने की अपनी असमर्थता जताने संबंधी पत्र लिखने के तकरीबन एक हफ्ते हुई है।

राज्यों के वित्त मंत्रियों की सीतारमण के साथ बैठक

सीतारमण के साथ बैठक में दिल्ली, पंजाब, पुड्डुचेरी और मध्य प्रदेश के वित्त मंत्रियों ने और केरल, राजस्थान, छत्तीसगढ़ व पश्चिम बंगाल के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। बुधवार को हुई इस बैठक के बाद पंजाब के वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल ने बताया कि राज्यों को अभी अगस्त से सितंबर तक का कंपनसेशन नहीं मिला है। 10 दिसंबर के बाद अक्टूबर-नवंबर की राशि की अदाएगी का भी समय आ जाएगा। वित्त मंत्री ने आश्वस्त किया है कि वह जल्द से जल्द राशि की अदाएगी की व्यवस्था करेंगी। सरकार ऐसा करने के लिए संवैधानिक तौर पर बाध्य है।

केंद्रीय हिस्सा न मिलने से राजस्थान के सामने वित्तीय संकट

बैठक में हिस्सा लेने पहुंचे राजस्थान के तकनीकी शिक्षा व सूचना मंत्री सुभाष गर्ग ने बताया कि केंद्र से हिस्सा नहीं मिलने की वजह से उनके राज्य के सामने वित्तीय संकट पैदा होने लगी है। पूर्व में केरल और पश्चिम बंगाल भी ऐसा कह चुके हैं। हालांकि सीतारमण ने बाद में बताया कि, उन्हें कुछ राज्यों के वित्त मंत्रियों की तरफ से एक ज्ञापन मिला है और वह उन्हें देख रही हैं।

जीएसटी काउंसिल की बैठक में  गरम रहेगा कंपनसेशन का मुद्दा

राज्यों के इस तेवर को देखने के बाद स्पष्ट है कि 18 दिसंबर को जीएसटी काउंसिल की होने वाली बैठक में कंपनसेशन का मुद्दा काफी गरम रहेगा। बताते चलें कि काउंसिल की तरफ से 27 नवंबर, 2019 को सभी राज्यों को पत्र लिखा गया है जिसमें कंपनेशन नहीं मिलने की वजहों को भी बताया गया है। इसमें बताया गया है कि कंपनसेशन सेस संग्रह की राशि काफी घट गई है। कांउसिल ने जीएसटी संग्रह के भी उम्मीद से कम होने की बात करते हुए आगामी बैठक में इसे बढ़ाने के उपायों पर चर्चा करने का आश्वासन दिया है।

राज्यों को राजस्व संग्रह में 14 फीसद इजाफे की गारंटी

सनद रहे कि जीएसटी अधिनियम के मुताबिक राज्यों को हर वर्ष कुल राजस्व संग्रह में 14 फीसद इजाफे की एक तरह से गारंटी दी गई है। इसके लिए वर्ष 2015-16 को आधार वर्ष माना गया है। इसके मुताबिक वर्ष 2015-16 के बाद से हर वर्ष राज्यों के राजस्व में 14 फीसद का इजाफा सुनिश्चित किया जाएगा। जिस वर्ष राज्यों को जीएसटी संग्रह में हिस्सेदारी इस निर्धारित मात्रा से कम होगी उसकी भरपाई केंद्र की तरफ से की जाएगी। इसके लिए लग्जरी आइटमों व कुछ अन्य सिन उत्पादों ( शराब, सिगरेट आदि ) पर कंपनसेशन टैक्स भी लगाया गया है।

जीएसटी संग्रह में कमी की वजह से राज्यों को कंपनसेशन राजस्व नहीं मिल पा रहा

हाल के महीनों में कारों की बिक्री के घटने के साथ ही देश में सिगरेट, शराब की बिक्री भी कम हुई है जिसका असर संग्रह पर हुआ है। यही वजह है कि राज्यों को कानून के मुताबिक कंपनसेशन राजस्व नहीं मिल पा रहा है।

Posted By: Bhupendra Singh

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