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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 20, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Electoral Bonds: 'चुनावी बॉन्ड से भाजपा को ज्यादा चंदा मिलने की बात सबसे बड़ा झूठ', अमित शाह ने आंकड़ों से दिखाया आईना

Published: Wed, 20 Mar 2024 06:53 PM (IST)Updated: Wed, 20 Mar 2024 08:04 PM (IST)

अमित शाह ने बताया कि 2023 में भाजपा को नकद के रूप में सिर्फ तीन फीसद का चुनावी फंड कैश ...और पढ़ें

Electoral Bonds: अमित शाह ने कहा कि चुनावी बॉन्ड से BJP को ज्यादा चंदा मिलने की बात सबसे बड़ी झूठ।
Electoral Bonds: अमित शाह ने कहा कि चुनावी बॉन्ड से BJP को ज्यादा चंदा मिलने की बात सबसे बड़ी झूठ।

HighLights

  1. अमित शाह ने विपक्ष पर लगाया चुनावी बॉन्ड योजना के बारे में झूठ फैलाने का आरोप।
  2. शाह बोले- आज जानकारी सार्वजनिक होने के बाद मुंह दिखाने के लायक नहीं रहेंगे विपक्षी नेता।
  3. अमित शाह ने कहा कि राजनीतिक फंडिंग से कालाधन रोकने में मिल रही थी सफलता।

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। अमित शाह ने भाजपा को चुनावी बॉन्ड के मार्फत ज्यादा चंदा मिलने के विपक्ष के दावे को सरासर झूठ करार दिया है। शाह ने साफ किया कि इंडी गठबंधन को भी भाजपा के बराबर ही 6200 करोड़ का चंदा चुनावी बॉन्ड के मार्फत मिला है। चुनावी बॉन्ड को लेकर विपक्ष के हमले का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि गुरूवार को इनकी जानकारी सार्वजनिक होने के बाद विपक्षी नेताओं को मुंह छुपाने की जगह नहीं मिलेगी।

विपक्ष पर चुनावी बॉन्ड योजना के बारे में झूठ फैलाने का आरोप

सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर सीधी टिप्पणी करने से बचते हुए शाह ने कहा कि चुनावी बॉन्ड योजना से राजनीतिक फंडिंग में कालेधन के इस्तेमाल रोकने में काफी हद तक मिल रही थी और इसके लिए उन्होंने आंकड़े भी प्रस्तुत किये। एक मीडिया समूह के कार्यक्रम में बोलते हुए अमित शाह ने विपक्ष पर चुनावी बॉन्ड योजना के बारे में झूठ फैलाने का आरोप लगाया।

कांग्रेस ने 1600 करोड़ रुपये की हफ्ता वसूली किससे की

चुनावी बॉन्ड को सरकार की हफ्ता वसूली वाले राहुल गांधी के बयान जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें बताना चाहिए कि कांग्रेस ने 1600 करोड़ रुपये की हफ्ता वसूली किससे की। सरकार से मदद की आड़ में बॉन्ड लेने के झूठ का पर्दाफाश करते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा को चुनावी बॉन्ड से 90 फीसद फंड चुनाव के दौरान मिला है, जब आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू होती है। आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू होने के दौरान सरकार किसी भी मदद करने की स्थिति में नहीं होती है।

राजनीतिक फंडिंग में कालेधन का इस्तेमाल

उन्होंने कहा कि इनमें से तीन हजार करोड़ रुपये से अधिक के चुनावी बॉन्ड 2019 में चुनाव के दौरान लागू आदर्श चुनाव आचार संहिता के बीच मिले थे। अमित शाह ने कहा कि चुनावी बॉन्ड योजना लागू होने से राजनीतिक फंडिंग में कालेधन का इस्तेमाल कम करने में मदद मिली है। इसके लिए उन्होंने भाजपा के फंडिंग का उदाहरण दिया। उन्होंने बताया कि चुनावी बॉन्ड योजना लागू होने के पहले भाजपा को 81 फीसद से अधिक फंडिंग नकद के रूप में मिलती थी, जो योजना लागू होने के बाद 2017 और 2018 में 17 फीसद आ गई।

97 फीसद चुनावी बॉन्ड पार्टी के खाते में मिले

उन्होंने बताया कि 2023 में भाजपा को नकद के रूप में सिर्फ तीन फीसद का चुनावी फंड कैश में और बाकि 97 फीसद चुनावी बॉन्ड के रूप में पार्टी के खाते में मिले थे। विपक्षी नेताओं पर चुनावी फंडिंग की आड़ में निजी फंडिंग का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि चुनावी बॉन्ड का विरोध कर वे पुरानी रवायत को बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं। 1500 रुपये की नकद फंडिंग में 100 रुपये पार्टी फंड और बाकी अपनी जेब में रखने की विपक्षी नेताओं की पुरानी प्रवृति को उजागर करते हुए शाह ने कहा कि चुनावी बॉन्ड से मार्फत फंडिंग ने पूरे 1500 रुपये पार्टी के खाते में जमा होना सुनिश्चित कराया था।

राहुल के शक्ति बयान पर शाह का करारा जवाब

अमित शाह ने हिंदू धर्म में वर्णित शक्ति को समाप्त करने के राहुल गांधी के बयान का जवाब देते हुए कहा कि उन्हें न तो हमारी परंपराओं की जानकारी है और न ही वे उसका सम्मान करते है। हजारों वर्षों से हमारे देश में मातृशक्ति को सबसे बड़ी शक्ति माना गया है। उन्हें मालूम नहीं है कि वो क्या बाल रहे हैं। नारी शक्ति को प्रधानमंत्री मोदी के साथ चट्टान की तरह खड़ी होने का दावा करते हुए उन्होंने कहा कि इस बार चुनाव में राहुल गांधी को इस शक्ति का परिचय मिल जाएगा।

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