नई दिल्ली, एएनआई। पिछले कुछ दिनों में मध्य प्रदेश, दिल्ली-एनसीआर, गोवा, कर्नाटक व तमिलनाडु राज्यों में आयकर विभाग द्वारा की गई छापेमारी पर चुनाव आयोग ने संज्ञान लिया है। छापेमारी के बारे में ज्यादा जानकारी लेने के लिए आयोग ने रेवेन्यु सेक्रेटरी (राजस्व सचिव) और केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) के अध्यक्ष को तलब किया है। आयोग इन अधिकारियों के साथ चुनावी दौर में आयकर विभाग की छापेमारी पर चर्चा करेगा।

चुनाव आयोग के निर्देश पर राजस्व सचिव एबी पांडेय और केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) चेयरमैन पीसी मोडी दिल्ली स्थिति आयोग के मुख्यालय पहुंच चुके हैं। न्यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार दोनों अधिकारी फिलहाल चुनाव आयोग को मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के करीबीयों पर डाले गए आयकर छापों और बरामद चीजों का ब्यौरा दे रहे हैं।

मालूम हो कि आयकर विभाग तीन दिनों से मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के ओएसडी प्रवीण कक्कड़ के करीबी अश्विन शर्मा और प्रतीक जोशी के ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। आयकर विभाग को अश्विन शर्मा के आवास से काला हिरन, बाघ, हिरन, चित्तीदार हिरन और तेंदुए आदि की ट्रॉफी समेत कई बहुमूल्य चीजें और नकदी आदि बरामद की थी। आयकर टीम को छापेमारी में अब तक 281 करोड़ रुपये की नकदी जुटाने के भी सुबूत मिले हैं। आयकर विभाग ने इस रैकेट में कई नेताओं, व्यवसायियों और सरकारी कर्मचारियों के शामिल होने की आशंका व्यक्त की थी।

टीम को छापेमारी में 14 करोड़ रुपये से ज्यादा की नकदी भी बरामद हुई है। आयकर विभाग ने मामले में चुनाव आयोग समेत वन विभाग की टीम को भी सूचना दी है। इस मामले में आयकर टीम ने दिल्ली-एनसीआर समेत भोपाल, इंदौर और गोवा में 52 जगहों पर छापेमारी कर ब्लैक मनी और हवाला संबंधी महत्वपूर्ण दस्तावेज जमा किए हैं।

रविवार को आयकर टीम ने दक्षिण भारतीय राजनीतिक दल द्रमुक के कोषाध्यक्ष एम. दुरईमुरुगन के बेटे कदीर आनंद के ठिकानों पर भी छापेमारी की थी। उनके बेटे वेल्लोर लोकसभा सीट से लोकसभा चुनाव 2019 लड़ रहे हैं। रविवार को एम दुरईमुरुगन ने कहा था कि आयकर टीम को कोई आपत्तिजनक दस्तावेज नहीं मिले हैं। आयकर छापा, केंद्र और तमिलनाडु सरकार का व्यक्तिगत प्रतिशोध निकालने का प्रयास था। उनकी पार्टी को बदनाम करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि उनके बेटे को चुनाव जीतने से रोका जा सके।

माना जा रहा है कि राजस्व सचिव और और केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड के चेयरमैन संग बैठक कर चुनाव आयोग आयकर विभाग द्वारा अब तक की गई कार्रवाई और राजनीतिक स्थितियों पर चर्चा करेगा। विपक्ष द्वारा सरकार पर लगाए जा रहे आरोपों की भी समीक्षा की जा सकती है। साथ ही आयोग चुनाव में कालेधन और हवाला फंडिंग के इस्तेमाल की भी समीक्षा कर सकता है।

Posted By: Amit Singh

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