भोपाल, स्टेट ब्यूरो। विवादित बयानों से खुद को सुर्खियों में रखने वाले मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने इस बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर जासूसी कराने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि मोदी-शाह न्यायपालिका, राजनेताओं, एक्टिविस्टों की पेगासास (इसराइली स्पॉयवेयर) का उपयोग कर जासूसी करवाते हैं।

दिग्विजय ने मोदी-शाह पर लगाया न्यायपालिका, नेताओं व एक्टिविस्ट की जासूसी कराने का आरोप

सिख तीर्थयात्रियों की तबलीगी मरकज से तुलना पर विरोध और फिर माफी मांगने का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि दिग्विजय सिंह ने बुधवार सुबह ट्विटर पर मोदी-शाह के खिलाफ जासूसी कराने के सनसनीखेज आरोप लगा दिए।

दिग्विजय ने राज्यसभा में भी सरकार से जासूसी को लेकर चर्चा की थी

ट्वीट को लेकर सिंह ने बताया कि उन्होंने राज्यसभा में भी सरकार से जासूसी को लेकर चर्चा की थी। सरकार से सूची मांगी थी, जो आज तक सार्वजनिक नहीं की गई है। सिंह ने कहा कि अमेरिका की एक अदालत में इसराइली जासूसी समूह एनएसओ ने वॉट्सएप-पेगासास मामले की सुनवाई के दौरान स्वीकार किया है कि उसने सरकार को पेगासास बेचा है। उसने 140 लोगों की सूची भी दी है, जिनकी जासूसी की गई है।

 दिग्विजय ने कहा- मोदी-शाह  उन लोगों की जासूसी करा रहे हैं, जिनसे वे घृणा करते हैं

दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाते हुए कहा कि मोदी-शाह न्यायपालिका, नेताओं, एक्टविस्टों में से उन लोगों की जासूसी करा रहे हैं, जिनसे वे घृणा करते हैं। इसके लिए पेगासास का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिसका अमेरिका की अदालत में खुलासा हो चुका है।

दिग्विजय ने रविशंकर प्रसाद से जवाब मांगा

सिंह ने केंद्रीय सूचना व प्रसारण मंत्री रविशंकर प्रसाद से इन आरोपों पर जवाब मांगा है और दावा किया है कि अगर गलत हैं तो वे खंडन करें।

 विधानसभा उपचुनाव में भाजपा को मात देना चाहती है कांग्रेस

मध्य प्रदेश की पूर्ववर्ती कमल नाथ सरकार को गिराने के लिए भारतीय जनता पार्टी ने जिस तरह के दांव-पेच अपनाएं, ठीक उसी तर्ज पर कांग्रेस राज्य विधानसभा की 24 सीटों के आगामी उपचुनाव में भाजपा को मात देना चाहती है। कांग्रेस के निशाने पर पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया हैं, जिन्हें मात देने के लिए उपचुनाव में कांग्रेस उन भाजपा नेताओं पर दांव लगाना चाहती है जो 2018 के मप्र विस चुनाव में भाजपा के टिकट पर सिंधिया समर्थक तत्कालीन कांग्रेस नेताओं से विधानसभा चुनाव हारे थे। ऐसे नेताओं को टिकट देकर कांग्रेस 'कांटे से कांटा' निकालने की तैयारी कर रही है। इसके लिए कांग्रेस के अलग-अलग नेताओं को पिछले चुनाव में पराजित भाजपा नेताओं से बातचीत की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

Posted By: Bhupendra Singh

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