नई दिल्ली, एएनआइ। कांग्रेस नेता तारिक अनवर ने सौ साल से ज्यादा पुरानी पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में जाने वालों पर प्रहार करते हुए कहा कि असल में संघ की विचारधारा के लोग अपने निजी स्वार्थो के कारण कांग्रेस में आ गए थे। अनवर ने ट्वीट करके कहा कि कांग्रेस के पूर्व नेता अब अपनी असली जगह भाजपा में जा रहे हैं। कुछ लोग कांग्रेस में ऊंचे पद हासिल करने के बाद इस्तीफा देकर सीधे भाजपा में शामिल हो रहे हैं।

इससे यह साफ जाहिर होता है कि उन्होंने संघ की विचारधारा के साथ कांग्रेस में स्वार्थवश प्रवेश किया था। अब वह अपने मूल स्थान पर वापस लौट रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने भाजपा में शामिल होने के लिए पार्टी को छोड़ा है, उनका कोई सिद्धांत या विचारधारा नहीं है। सत्ता में बने रहना ही उनकी एकमात्र रुचि है। सुनील जाखड़ और हार्दिक पटेल के पार्टी छोड़ने पर केरल कांग्रेस के महासचिव ने कहा कि वह जो पार्टी छोड़ गए हैं वह केवल सत्ता के पीछे भाग रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस का इस्तेमाल अपने निजी हितों के लिए किया है। हाल में हुए पांच राज्यों के चुनाव में भी नेताओं के पार्टी छोड़ने का जख्म गहरे से महसूस हुआ। वैसे तारिक अनवर खुद भी कांग्रेस छोड़कर एनसीपी में शामिल हुए थे। बाद में एनसीपी से इस्तीफा देकर कांग्रेस में शामिल हुए थे।

अल्पेश ठाकोर और वाघेला ने कहा था अलविदा

गुजरात में 2019 के लोकसभा चुनाव से ठीक पहले ओबीसी समुदाय के एक बड़े युवा नेता अल्पेश ठाकोर ने कांग्रेस छोड़ दी थी जबकि राज्य के पिछले विधानसभा चुनाव से ठीक पहले दिग्गज नेता शंकर सिंह वाघेला ने पार्टी को अलविदा कह दिया था।

पिछले विधानसभा चुनावों में भी आई थी समस्‍या

कांग्रेस में नेताओं के पार्टी छोड़ने की समस्या की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि गुजरात के पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा को जबरदस्त टक्कर देकर पार्टी ने 77 सीटें जीतीं थीं, मगर आज उसके विधायकों की संख्या 61 ही रह गई है और 15 विधायक कांग्रेस छोड़ चुके हैं।

पंजाब में अमरिंदर हुए थे मजबूर

पंजाब तो ऐसा उदाहरण रहा कि पार्टी ने खुद ही प्रदेश के अपने सबसे दिग्गज नेता रहे कैप्टन अमरिंदर सिह को कांग्रेस छोड़ने के लिए बाध्य कर दिया। पंजाब में मिली बड़ी हार के बाद पूर्व कानून मंत्री और प्रदेश के नेता अश्विनी कुमार ने कांग्रेस में अपनी पारी खत्म करने का एलान कर दिया।

यूपी में भी नजर आई थी टीस

पांच राज्यों के हालिया चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश में जहां जितिन प्रसाद, आरपीएन सिंह, ललितेश त्रिपाठी से लेकर इमरान मसूद जैसे प्रमुख नेताओं ने कांग्रेस छोड़ी तो उत्तराखंड में वरिष्ठ नेता किशोर उपाध्याय ने पार्टी को इस बीमारी से उबरने नहीं दिया। मणिपुर में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रह चुके गोविनदास कोंथुजाम ने भाजपा का दामन थाम लिया जबकि गोवा में दो पूर्व मुख्यमंत्रियों लुइजिनो फेलेरियो और रवि नायक ने पार्टी छोड़ दी।

मध्‍य प्रदेश में ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बनवा दी थी सरकार

मार्च, 2020 में मध्य प्रदेश में ज्योतिरादित्य सिंधिया ने न केवल पार्टी छोड़ी बल्कि राज्य में कांग्रेस की कमलनाथ सरकार गिराकर भाजपा की सरकार बनवा दी। वैसे 2014 के बाद कांग्रेस नेताओं के पार्टी छोड़ने की लिस्ट बहुत लंबी है जिसमें पूर्वोत्तर राज्यों के चार मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा, एन. बीरेन सिंह, पेमा खांडू और माणिक साहा शामिल हैं।

Edited By: Arun Kumar Singh