नई दिल्ली, जेएनएन। अभिनेता से राजनेता बने कमल हासन पर 'हिंदू आतंकवादी' वाले बयान के बाद दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट में आपराधिक शिकायत दर्ज की गई है। कमल हासन पर हिंदू धर्म के साथ आतंकवाद को जोड़कर हिंदुओं की धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाने का आरोप है। वहीं बीजेपी उम्मीदवार अश्विनी उपाध्याय ने भी दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है कि वो चुनाव आयोग निर्देश दें कि कमल हासन पर 'हिंदू आतंकवादी' वाले बयान को लेकर उचित कार्रवाई की जाए।

बता दें कि उन पर यह मामला 12 मई को तमिलनाडू में दिए गए उस बयान को लेकर दर्ज किया गया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि स्वतंत्र भारत का पहला आतंकवादी हिंदू ही था। दरअसल उन्होंने यह बयान महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे को लेकर कहा था कि आजाद भारत का पहला आतंकवादी हिंदू ही था और उसका नाम नाथूराम गोडसे था।

कमल हासन के इस बीच बयान के बाद हिंदू संगठनों और साधु-संतों में काफी गुस्सा है। कई जगहों पर इसका विरोध किया रहा है और तमिलनाडू के एक नेता ने उनकी जीभ काटने की सलाह दी है। संतों ने इसे कमल हासन की ओछी मानसिकता करार देते हुए नसीहत दी कि वह पहले अपने गिरबां में झांकें। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरि ने कहा कि कमल को सोचना चाहिए कि वह क्या और क्यों कह रहे हैं। वहीं दक्षिण काली पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद ने कहा कि अभिनेता कमल हासन राजनीति के चक्कर में दिमागी दिवालिएपन का शिकार हो गए हैं। उन्हें चिकित्सक से अपने दिमाग का इलाज का कराना चाहिए।

बता दें कि कमल हासन ने एक चुनावी सभा को संबोधित करते हए कहा था, 'मैं ऐसा इसलिए नहीं बोल रहा हूं कि यह मुसलमान बहुल क्षेत्र है, बल्कि मैं यह बात गांधी की प्रतिमा के सामने बोल रहा हूं। स्वतंत्र भारत का पहला आतंकवादी हिन्दू था और उसका नाम नाथूराम गोडसे है। वहीं से इसकी (आतंकवाद) शुरुआत हुई।' कमल हासन एमएनएम के संस्थापक हैं और इससे पहले भी हिंदुओं को लेकर कई विवादित बयान दे चुके हैं.  

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Posted By: Mohit Pareek

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