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संजय मिश्र, नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव 2019 के लिए कांग्रेस ने कसरत शुरू कर दी है। मध्यम वर्ग और पेशेवरों के बीच पैठ बनाने की तैयारी चल रही है और इस क्रम में रघुराम राजन जैसे नामचीन चेहरों के साथ-साथ अलग-अलग विचारधारा से आए लोगों को भी मंच पर लाया जा रहा है। कांग्रेस को यशवंत सिन्हा और प्रशांत भूषण सरीखे बाहरी चेहरों की मदद लेने से भी गुरेज नहीं है।

2019 के लिहाज से देश भर में पेशवरों के साथ खुले संवाद का शुरू किया सिलसिला

कांग्रेस नेतृत्व ने पार्टी के वैकल्पिक एजेंडे को देश के सार्वजनिक बहस का हिस्सा बनाने की पहल का जिम्मा खास तौर पर आल इंडिया प्रोफेशनल कांग्रेस (एआइपीसी) को सौंपा है। मुंबई में एआइपीसी ने पेशेवरों से जुड़ने के लिए किए गए खुले संवाद में सुप्रीम कोर्ट के रिटायर जज जस्टिस चेलमेश्वर को बुलाया था। इस पहल को राष्ट्रीय स्वरुप देुने के लिए 30 नवंबर को राजधानी दिल्ली में 'क्या भारत को पुनर्परिभाषित किया जा रहा' विषय पर खुले राष्ट्रीय संवाद का आयोजन किया गया है। इसमें डाक्टर, इंजिनियर, प्रबंधन, कानून से लेकर वित्त से लेकर तमाम क्षेत्र के पेशेवर आमंत्रित किए गए हैं।

वैकल्पिक एजेंडे को लेकर कांग्रेस की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इस संवाद में पी चिदंबरम, कपिल सिब्बल, अभिषेक सिंघवी, रणदीप सुरजेवाला, सलमान खुर्शीद जैसे दिग्गज शामिल होंगे। वहीं आल इंडिया प्रोफेशनल कांग्रेस के अध्यक्ष शशि थरूर संचालन की कमान थामेंगे।

मध्यम वर्ग के साथ कांग्रेस के तार जोड़ने को अहम करार देते हुए एआइपीसी के राष्ट्रीय संयोजक सलमान सोज और उत्तर क्षेत्र की कार्यकारी संयोजक डा अमिता सिंह ने कहा कि संवादों की ऐसी श्रृंखला के जरिए कांग्रेस 2019 में देश को ऐसा ठोस वैकल्पिक एजेंडा देगी। जो विकास ही नहीं भविष्य की चुनौतियों से निपटने का रोडमैप होगा। इसी संदर्भ में अमिता सिंह ने रिजर्व बैंक के पूर्व गर्वनर चर्चित अर्थशास्त्री रघुराम राजन के ऐसे संवादों में आने की बात कही।

पेशेवरों के बीच पैठ बढ़ाने की पहल के तहत बेंगलुरू में आईटी पेशवरों, चेन्नई में डाक्टरों के साथ कांग्रेस खुला संवाद करेगी। लखनऊ और जमशेदपुर में भी इस आयोजन की रूपरेखा बन गई है। महाराष्ट्र में एआइपीसी के ऐसे एक आयोजन में भाजपा के पूर्व नेता यशवंत सिन्हा तो एक दूसरे संवाद में अन्ना आंदोलन में कांग्रेस के खिलाफ झंडा उठाने वाले वकील प्रशांत भूषण शामिल हो चुके हैं।

सलमान सोज के अनुसार सिन्हा और भूषण ही नहीं तमाम क्षेत्रों के वैसे सभी हस्तियों को ऐसे संवादों के लिए सहर्ष आमंत्रित करेगी जो कांग्रेस के विचार से भले सहमत न हों मगर देश के मौजूदा शासन की शैली और सोच को सही नहीं मानते।

कांग्रेस का मानना है कि सुप्रीम कोर्ट से लेकर चुनाव आयोग और कैग से लेकर रिजर्व बैंक जैसी संवैधानिक संस्थाओं पर भाजपा नीति एनडीए सरकार का वार भारत को पुनर्परिभाषित करने के सुनियोजित एजेंडे का हिस्सा है। जैसा कि सोज और अमिता ने कहा कि हमारे संस्थानों को कमजोर करने के साथ मीडिया को भी नियंत्रित किया जा रहा। ऐसे में कांग्रेस का वैकल्पिक विमर्श को सीधे उनलोगों के बीच ले जाना जरूरी है जो राष्ट्रीय विमर्श की दशा-दिशा निर्धारित करने में अहम भूमिका निभाते हैं।

Posted By: Bhupendra Singh

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