नई दिल्ली, एजेंसी। संसद का मानसून सत्र सोमवार को अनिश्तिचकाल के लिए स्थगित हो गया है। मानसून सत्र 12 अगस्त तक चलना था, लेकिन चार दिन पहले ही इसे अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। मानसून सत्र के दौरान संसद में हंगामे के चलते इस बार कुछ खास काम नहीं हो पाया। संसद में हुए कामकाज को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है।

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि मानसून सत्र अत्यधिक निराशाजनक रहा। सरकार संसद सत्र को निर्धारित तारीख 12 अगस्त चलाना नहीं चाह रही थी। हालांकि, विपक्षी दल बहस करने और विधेयकों को पारित करने के लिए अंत तक बैठने के लिए तैयार थे।

'केंद्र सरकार के पास एजेंडा नहीं'

उन्होंने कहा, 'केंद्र सरकार के पास विधायी एजेंडा नहीं था। सत्र की शुरुआत में सरकार ने 32 विधेयकों को सूचीबद्ध किया, लेकिन लोकसभा में सात और राज्यसभा में पांच ही विधेयक पास हो सके।' जयराम ने आगे कहा कि सदन की कार्यवाही का करीब डेढ़ दिन ट्रेजरी बेंच ने ही बर्बाद कर दिया। क्योंकि वे कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी की राष्ट्रपति पर टिप्पणी को लेकर सोनिया गांधी से इस्तीफे की मांग कर रहे थे। जबकि अधीर रंजन अपनी टिप्पणी को लेकर मौखिक और लिखित रूप से पहले ही माफी मांग चुके थे।

उन्होंने कहा कि पीएमएलए पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश की समीक्षा की मांग करने के लिए विपक्षी दलों का एक साथ आना 'लोकतंत्र को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम' है। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल बहस और विधेयक पास करने के लिए 10 और 12 अगस्त को तैयार था, लेकिन सरकार को सत्र बंद कराने की जल्दी थी।

Edited By: Manish Negi