जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। कोरोना संकट से निपटने की सरकार की कोशिशों के बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय से जुड़ी संसदीय कमेटी के चेयरमैन जयराम रमेश ने सरकार से गगनयान अभियान जैसे कार्यक्रमों को स्थगित करने की मांग की है। साथ ही कहा है कि इस पर खर्च होने वाला करीब दस हजार करोड़ रुपए को कोरोना से लड़ने में इस्तेमाल किया जाए।

जयराम रमेश ने इसके साथ ही ट्वीट कर सरकार से अपने बड़े प्रोजेक्टों की नए सिरे से समीक्षा करने का भी सुझाव दिया। पिछले दिनों जयराम रमेश ने ही पार्टी नेताओं से अलग राय रखते हुए सरकार की ओर से सांसद निधि को अगले दो साल तक के लिए निलंबित करने के फैसला का स्वागत किया था। अब उन्होंने सरकार से अगले कुछ साल के लिए गगनयान अभियान को स्थगित करने को लेकर भी खुलकर अपनी राय दी है। हालांकि उनकी यह राय तब आयी है, जब 2022 में इस कार्यक्रम के तहत भारत अपने अंतरिक्ष यात्रियों को चांद पर भेजने की तैयारी में है। इसके तहत चयनित अंतरिक्ष यात्रियों का रुस में जल्द ही प्रशिक्षण भी शुरु होने वाला है।

लॉकडाउन के चलते रूस में अंतरिक्ष यात्रियों का प्रशिक्षण रोका गया 

वहीं, रूस में गगनयान के चार संभावित अंतरिक्ष यात्रियों का प्रशिक्षण लॉकडाउन के चलते रोक दिया गया है। जहां प्रशिक्षण चल रहा था, उसे कोरोना वायरस के मद्देनजर अस्थाई रूप से बंद कर दिया गया है। भारतीय वायु सेना के चार पायलटों को अंतरिक्ष में भारत के मानवयुक्त मिशन के लिए चुना गया है। रूस की राजधानी मॉस्को के निकट यूए गगारिन रिसर्च एंड टेस्ट कॉस्मोनॉट ट्रेनिंग सेंटर में फरवरी से उनका प्रशिक्षण चल रहा है। हालांकि, कोरोना वायरस के प्रकोप के कारण पिछले सप्ताह से ट्रेनिंग सेंटर बंद है।

Posted By: Dhyanendra Singh

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