नई दिल्ली, जागरण ब्यूरो। बांग्लादेश को आजाद कराते हुए 1971 के युद्ध में पाकिस्तान के दो टुकड़े करने वाली तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को विजय दिवस के मौके पर भुला दिए जाने को लेकर कांग्रेस ने मोदी सरकार को आड़े हाथों लिया। पार्टी ने कहा कि बांग्लादेश मुक्ति संग्राम का नेतृत्व करने वाली इंदिरा गांधी के नाम का कहीं जिक्र तक नहीं करना सरकार के ओछे राजनीतिक सोच को दर्शाता है।

खड़गे ने कहा, मौजूदा सरकार पूर्व के नेताओं का जिक्र तक से कर रही परहेज

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने विजय दिवस पर सरकार के कार्यक्रमों के दौरान कहीं भी इंदिरा गांधी का जिक्र नहीं किए जाने पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि आज चंद लोग पूर्व प्रधानमंत्री के कामों को भुलाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार के लोग विजय दिवस मनाते हुए भाषण तो देते हैं, मगर उन्हें यह भी बताना चाहिए कि किस सरकार और नेता ने पाकिस्तान के दो टुकड़े कर बांग्लादेश को आजाद कराया।

बांग्लादेश की जनता और वहां की प्रधानमंत्री शेख हसीना पाकिस्तान के अत्याचारों से आजाद कराने के लिए भारत और इंदिरा गांधी के योगदान को हमेशा याद करती हैं। केंद्र की मौजूदा सरकार पर पूर्व की सरकारों के ऐतिहासिक कामों को भुलाने का आरोप लगाते हुए खड़गे ने कहा कि हकीकत यह भी है कि 1971 के युद्ध में इंदिरा गांधी के नेतृत्व की तारीफ उस वक्त के विपक्ष के दिग्गज नेता अटल बिहारी वाजपेयी ने की और उन्हें दुर्गा का अवतार कहा।

प्रियंका गांधी वाड्रा और सुरजेवाला ने भी सरकार पर साधा निशाना

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी इस मुद्दे पर ट्वीट करते हुए कहा, हमारी पहली और एकमात्र महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को महिला विरोधी भाजपा सरकार ने विजय दिवस समारोह से बाहर रखा। भारत की जीत की 50वीं वर्षगांठ पर उनका जिक्र तक नहीं किया गया। नरेन्द्र मोदी जी, महिलाएं आपकी बातों पर विश्वास नहीं करती हैं। आपका दंभपूर्ण रवैया स्वीकार्य नहीं है। अब समय है कि आप महिलाओं को उनका उचित हक दें।

कांग्रेस मीडिया विभाग के प्रमुख रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि मोदी सरकार और भाजपा अपनी सस्ती और घटिया राजनीति से बाज नहीं आएगी। 50वें विजय दिवस पर प्रधानमंत्री और सरकार के लोगों द्वारा 1971 की लड़ाई की लौह महिला इंदिरा गांधी का नाम तक न लेना उनकी कुंठित और संकुचित मानसिकता का उदाहरण है। पार्टी की प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने भी सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि इतिहास बदलने का प्रयास सफल नहीं होगा। इतिहास तो जो सच है, वही रहेगा और सदा यही याद किया जाएगा कि 1971 में इंदिरा गांधी के राजनीतिक नेतृत्व में ही पाकिस्तान को मात देते हुए उसके दो टुकड़े किए गए थे।

Edited By: Arun Kumar Singh