महिला आरक्षण पर कांग्रेस की शर्त, खरगे बोले- परिसीमन की जानकारी बिना चर्चा नहीं
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने महिला आरक्षण विधेयक पर चर्चा के लिए परिसीमन विवरण को अनिवार्य बताया है। उन्होंने प्रधानमंत्री ...और पढ़ें
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महिला आरक्षण पर कांग्रेस की शर्त (फाइल फोटो)
HighLights
महिला आरक्षण विधेयक पर परिसीमन ब्यौरा अनिवार्य है।
खरगे ने 29 अप्रैल के बाद सर्वदलीय बैठक मांगी।
सरकार पर राजनीतिक लाभ के लिए जल्दबाजी का आरोप।
जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। महिला आरक्षण विधेयक पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ओर से सभी राजनीतिक दलों को पत्र लिखकर मांगे गए समर्थन पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने जवाब देते हुए कहा कि परिसीमन व दूसरे पहलुओं के ब्यौरे के बगैर महिला विधेयक पर चर्चा करना असंभव होगा। जो अभी तक उनके साथ साझा नहीं किया गया है।
ऐसे में उनकी मांग है कि पांच राज्यों में चल रहे चुनावों के 29 अप्रैल को खत्म होने के बाद इस मुद्दे पर एक सर्वदलीय बैठक बुलाई जाए। उसके बाद आम सहमति से इस पर निर्णय किया जाए।
पीएम मोदी का पत्र
पीएम मोदी को पत्र लिखकर खरगे ने कहा कि राज्य में चल रहे चुनावों के बीच संसद का विशेष सत्र बुलाने से यह विश्वास और भी मजबूत होता है कि सरकार राजनीतिक फायदे के लिए महिला आरक्षण कानून को लागू करने की जल्दबाजी कर रही है।
इससे पहले पीएम ने 16 अप्रैल से नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर चर्चा के लिए संसद के बुलाए गए विशेष सत्र के बारे में राजनीतिक दलों से जानकारी साझा की थी और समर्थन मांगा था। खरगे ने कहा कि जैसा कि आप जानते हैं, नारी शक्ति वंदन विधेयक को संसद ने सितंबर 2023 में एकमत से पारित किया था।
कांग्रेस ने क्या मांग की थी?
उस समय कांग्रेस पार्टी ने इसे कानून तुरंत लागू करने की भी मांग की थी। पीएम के पत्र का जवाब देते हुए खरगे ने कहा कि ' आपने लिखा है कि आपकी सरकार ने इस बारे में राजनीतिक दलों के साथ बातचीत की है।
जबकि सच्चाई यह है कि सभी विपक्षी पार्टियां सरकार से चुनाव खत्म होने के बाद यानी 29 अप्रैल के बाद संविधान में किए जा रहे बदलावों पर चर्चा करने के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग कर रही है।
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