इंदौर, जेएनएन। मध्य प्रदेश की कांग्रेस सरकार के पक्ष में भाजपा के दो विधायकों के आने के बाद राजनीतिक तूफान अभी थमा भी नहीं था कि कंप्यूटर बाबा के बयान ने नया भूचाल ला दिया। गुरुवार को इंदौर में खान नदी के किनारे पौधारोपण करने आए बाबा ने कहा कि भाजपा के चार और विधायक मेरे संपर्क में हैं, जो जल्द ही कांग्रेस में आने वाले हैं।

जिस दिन सीएम कमलनाथ कह देंगे, उनके सामने पेश कर देंगे। विधायकों के नाम बताने से बाबा ने इन्कार कर दिया, लेकिन इतना जरूर कहा कि कोई लल्लू-पंजू विधायक नहीं, सभी कद्दावर हैं। बाबा ने भाजपा और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान पर भी बयानों के बाण चलाए। कांग्रेस में आने वाले विधायकों को लेकर कहा कि नाम इसलिए नहीं बताऊंगा, क्योंकि भाजपा के लोग चतुर और चालाक हैं। इन्होंने मुझे भी नहीं छोड़ा, इसलिए शिवराज सरकार से मैंने इस्तीफा दिया।

कांग्रेस में आने वाले भाजपा के चार विधायक अपनी पार्टी और शिवराज से भी परेशान हैं। उन्हें लग रहा था कि हारने के बाद शिवराज केंद्र की राजनीति करेंगे, पर अब ऐसा लग रहा है कि वे प्रदेश नहीं छोड़ेंगे। इन विधायकों को लग रहा है कि कमलनाथ के नेतृत्व में प्रदेश का भविष्य अच्छा है, इसीलिए वे कांग्रेस में आना चाहते हैं। शिवराज सिंह से भी मैं कहना चाहता हूं कि श्रावण का महीना है, ईश्वर की आराधना करें और कमलनाथ को काम करने दें। वे कुशल मुख्यमंत्री हैं।

भाजपा के वरिष्ठ नेता बोले, निष्ठावान कार्यकर्ताओं की उपेक्षा से बिगड़े हालात
भाजपा के वरिष्ठ नेता रघुनंदन शर्मा ने कहा कि कुछ लोगों ने पार्टी पर अपना प्रभुत्व कायम करने के लिए निष्ठावान भाजपा कार्यकर्ताओं की उपेक्षा की। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह का नाम लिए बगैर उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को भाजपा में शामिल किया, जिनका पार्टी की रीति-नीति और सिद्धांत से कोई लेना-देना नहीं था। आज जो हालात बने हैं, ये उसी वजह से है। इस घटना से पार्टी को कितनी क्षति हुई है, इसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती।

घोटालों के भूत भाजपा को विचलित करते हैं: पटवारी
कमलनाथ सरकार में उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी ने कहा कि भाजपा नेताओं, खासतौर पर पूर्व मंत्री को घोटालों के भूत विचलित कर रहे हैं। व्यापमं, पेंशन, ई-टेंडर और खेल विभाग की फाइल गायब होने जैसे कई मामले हैं, जिसके चलते ये अस्थिरता का माहौल बनाकर ब्यूरोक्रेसी को सही दिशा में काम करने से गुमराह करना चाहते हैं। उन्होंने सरकार गिराने और विधायकों की खरीद-फरोख्त करने वाले भाजपा के एक और दो नंबर के नेताओं के नाम उजागर करने की मांग की। उल्लेखनीय है कि नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने बुधवार को सदन में कहा था कि एक और दो नंबर के नेताओं का इशारा हो तो 24 घंटे में कमलनाथ सरकार गिरा देंगे।

Posted By: Monika Minal

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