रायपुर, राज्य ब्यूरो। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मंगलवार को फिर पुलवामा आतंकी हमले को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पुलवामा की घटना की कौन सी जांच हो गई? घटना में सीआरपीएफ के 44 जवान शहीद हुए थे। घटना को महीनों बीत गए, लेकिन 350 किलो आरडीएक्स लेकर आरोपी पहुंचा कैसे? इसके बारे में कोई जांच नहीं हुई है।

पुलवामा आतंकी हमले में आरडीएक्स लेकर आरोपी पहुंचा कैसे, इस पर कोई जांच नहीं हुई

मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी पता चल रहा है कि पकड़ा गया डीएसपी देविंदर सिंह उस समय पुलवामा में ही पदस्थ था और अभी तक उस पर देशद्रोह का अपराध दर्ज नहीं हुआ है। कम से कम यह तो देश को बताना चाहिए कि वहां आरडीएस लेकर पहुंचे, वह कौन थे?

डीएसपी देविंदर को एनआइए को क्यों सौपा गया

ऐसे समय में पकड़े गए डीएसपी देवेंद्र को तत्काल एनआइए को क्यों सौंपा गया। एनआइए गृह मंत्रालय के अधीन है और जम्मू कश्मीर पुलिस भी गृह मंत्रालय के अधीन है। ऐसे में अपनी पुलिस पर विश्वास नहीं करना यह तो पुलिस के मनोबल को न केवल हतोत्साहित कर रहा है।

पुलवामा की घटना में बड़ा षड्यंत्र

सवाल भी खड़ा हो रहा है कि आखिर इसको आनन-फानन में एनआइए को क्यों सौंपा गया है? क्या राज है? जिसको छुपाना चाहते हैं? हम लोग शुरू से कह रहे हैं कि पुलवामा की घटना में बड़ा षड्यंत्र हुआ है।

सीएए और एनआरसी पर प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के अलग-अलग बयान

प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के बीच मतभेद का मुद्दा भी उन्होंने फिर से उठाते कहा कि सीएए पर कोई कुछ कह रहा तो कोई एनआरसी में कुछ कह रहे हैं। एनपीआर में कुछ कह रहे हैं। प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के बयान अलग-अलग हैं। 

Posted By: Bhupendra Singh

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