नई दिल्ली, एएनआइ। छत्तीसगढ़ में सत्तारूढ़ कांग्रेस में जारी सियासी खींचतान के बीच पार्टी के 35 से ज्यादा विधायक दिल्ली में डटे हुए हैं। सभी प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया और पार्टी आलाकमान से मिलने की योजना बना रहे हैं। इनका मानना है कि उत्तर प्रदेश में नई जिम्मेदारी दिए जाने के बावजूद भूपेश बघेल छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री पद पर बने रहेंगे। उन्होंने गांधी जयंती के मौके पर राजघाट और विजय घाट का दौरा किया। बृहस्पत सिंह ने समाचार एजेंसी एएनआइ से कहा कि जो काम कर सकते हैं उन्हें काम दिया जाता है। बघेल पहले भी ऐसा कर चुके हैं। वह पद नहीं छोड़ेंगे।

कुछ ऐसी ही बात एक अन्य विधायक चंद्रदेव राय ने भी कही। उन्होंने कहा कि बघेल मुख्यमंत्री हैं और वह अकेले मंत्री हैं, जो किसानों का समर्थन करते हैं। समाज के सभी वर्ग नेता से खुश हैं और छत्तीसगढ़  में किए गए अच्छे कामों की वजह से उन्हें नई जिम्मेदारी दी गई है। राजघाट पर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देने वाले कांग्रेस विधायक प्रकाश नाइक ने कहा, 'बघेल को पहले असम की जिम्मेदारी दी गई थी और इस बार उन्हें उत्तर प्रदेश के लिए नियुक्त किया गया है। वह छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री बने रहेंगे।' 

इससे पहले दिन में, कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों के लिए छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल को एआइसीसी का वरिष्ठ पर्यवेक्षक नियुक्त किया। बृहस्पत सिंह ने खुलासा किया कि कांग्रेस के लगभग 35 विधायक आज शाम तक दिल्ली में मौजूद रहेंगे और कल कुछ और आएंगे। सभी प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया और पार्टी आलाकमान से मिलने की योजना बना रहे हैं और प्रदेश में नेतृत्व परिवर्तन की अफवाहों को प्रमुखता से खारिज किया है। 

पंजाब के बाद कांग्रेस शासित छत्तीसगढ़ में संभावित बदलाव की अटकलें पिछले तीन दिनों में तेज हो गई हैं। इसका कारण बघेल के करीबी माने जाने वाले पार्टी के दो दर्जन विधायकों का दिल्ली पहुंचना है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने गुरुवार को कहा कि कांग्रेस विधायकों के दिल्ली दौरे को राजनीति के चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए। दिल्ली में मौजूद विधायक राम कुमार यादव का मानना ​​है कि भूपेश बघेल और राज्य के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंह देव सहित छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के सभी 70 विधायक एकजुट हैं।

Edited By: Tanisk