नई दिल्ली (प्रेट्र)। चुनाव आयोग ने केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) से चुनावों के दौरान प्रत्याशियों द्वारा घोषित की गई संपत्ति और कर्ज के हलफनामे की जांच के लिए एक जैसा प्रारूप प्रस्तुत करने को कहा है। चुनाव आयोग का यह पत्र सीबीडीटी की उस चिंता के बाद सामने आया है, जिसमें उसने प्रत्याशियों के हलफनामे की सत्यापन रिपोर्ट को सार्वजनिक करने पर चिंता जताई थी।

मंगलवार को सीबीडीटी के अध्यक्ष को लिखे पत्र में चुनाव आयोग ने कहा कि हलफनामे में दी गई सूचना के सही नहीं मिलने पर इन्हें पांच श्रेणियों में रखा जाना चाहिए।

गौरतलब है कि दोनों ही संस्थाओं ने वर्ष 2013 में श्रेणियों को तय किया था। चुनाव आयोग का मानना था कि सत्यापन रिपोर्ट जांच रिपोर्ट नहीं है और इसे सूचना के अधिकार के सेक्शन-24 के तहत रोका नहीं जा सकता है। गौरतलब है कि सेक्शन-24 कुछ सरकारी संगठनों को सूचना के अधिकार से मुक्ति प्रदान करता है।

By Nancy Bajpai