मुंबई, आईएएनएस | देश के कई नेता जाति आधारित जनगणना की मांग कर रहे हैं। इस बीच राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के अध्यक्ष शरद पवार ने बुधवार को जातीय जनगणना की मांग उठाई है। शरद पवार ने कहा कि समाजिक समानता सुनिश्चित करने के लिए यह जरूरी है। मुंबई में एनसीपी-ओबीसी सेल के सम्मेलन में हिस्सा लेते शरद पवार ने 'जाति आधारित' राष्ट्रीय जनगणना की मांग की है। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को वह मिलना चाहिए जिसका वह हकदार है।

ओबीसी को भी मिले आरक्षण का लाभ

पवार ने आगे कहा कि 'जाति-आधारित' जनगणना करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। पवार ने जातिगत आरक्षण पर जोर देते हुए कहा कि संविधान के जरिये अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजातियों को आरक्षण दिया गया जिनसे उन्हें लाभ मिला। इसी तरह का लाभ अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लोगों को भी मिलना चाहिए। इसके लिए सरकार को सही औक सटीक तरीके से ओबीसी आबादी का पता लगाना चाहिए। उन्होंने कहा यह काम 'जाति जनगणना' के जरिये सफलतापूर्वक हासिल की जा सकती है।

शरद पवार ने भाजपा पर निशाना साधा

पवार ने आगे कहा कि जाति जनगणना के आधार पर ओबीसी समुदाय को न्याय मिल सकती है। बता दें कि शरद पवार ने महाराष्ट्र की विपक्षी पार्टी बीजेपी की आलोचना करते हुए कहा कि भाजापा पिछले पांच सालों तक महाराष्ट्र की सत्ता पर काबिज रही, 2104 से दिल्ली (केंद्र) में भाजपा शासन कर रही है फिर भी ओबीसी समुदाय को दिए जाने वाले कोटे के मुद्दे का हल नहीं ढूंढ सकी। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या आप (भाजपा) सो रही थी। पवार ने कहा कि भाजपा के लोग चाहे कुछ भी कहें, ओबीसी को उनसे न्याय मिलने की कोई उम्मीद नहीं है।

शरगद पवार ने कहा, 'यहां तक ​​कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश भी कुमार ने 'जाति-आधारित' जनगणना की आवश्यकता पर बात की है, लेकिन इस पर केंद्र की मानसिकता अलग है।

बता दें कि शरद पवार का बयान ऐसे समय पर आया है जब महाराष्ट्र में स्थानीय निकायों में ओबीसी आरक्षण बहाल करने की मांग की जा रही है। राकांपा अध्यक्ष ने कहा है कि ओबीसी कोटा का मुद्दा सुलझाने के बाद ही राकांपा स्थानीय चुनाव लडे़गी।

Edited By: Piyush Kumar