नई दिल्ली, पीटीआई। ब्राजील के राष्ट्रपति जेयर बोल्सोनारो (Jair Bolsonaro) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) को मलेरिया से लड़ने वाली दवा हाइड्रोक्सी क्लोरोक्विन (Hydroxychloroquine) के उत्पादन के लिए कच्चे माल के निर्यात के लिए धन्यवाद दिया है। बुधवार को राष्ट्र के नाम एक संबोधन में पीएम बोल्सोनारो ने कहा कि ब्राजील को शनिवार को हाइड्रोक्सी क्लोरोक्विन के उत्पादन के लिए भारत से सामग्री प्राप्त होनी शुरू हो जाएगी।

बोल्सोनारो ने कहा, 'हमारे पास और अच्छी खबरें हैं। भारत के प्रधानमंत्री के साथ मेरी सीधी बातचीत के परिणामस्वरूप हमे हाइड्रोक्सी क्लोरोक्विन के उत्पादन के लिए शनिवार से कच्चा माल मिलना शुरू हो जाएगा। इसके बाद हम कोरोना वायरस के रोगियों के साथ-साथ मलेरिया और गठिया का भी इलाज कर सकें।' उन्होंने कहा कि मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत के लोगों को ब्राजील की समय पर मदद के लिए धन्यवाद देता हूं।

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति जेयर बोल्सनारो के बीच 4 अप्रैल को फोन पर बातचीत हुई थी। इस दौरान ब्राजील के नेता ने पीएम मोदी से अनुरोध किया कि वह ब्राजील में हाइड्रोक्सी क्लोरोक्विन के उत्पादन के लिए दवा और साथ ही कच्चे माल के निर्यात की अनुमति दें।

इसके अलावा मंगलवार को पीएम मोदी को लिखे एक पत्र में बोल्सनारो ने कहा कि हाइड्रोक्सी क्लोरोक्विन का उत्पादन करने के लिए ब्राजील के दो प्रयोगशालाओं, ईएमएस और अप्सन कई वर्षों से भारत से कच्चे माल का आयात कर रहे हैं और ब्राजील की दवा की आंतरिक आपूर्ति दोनों कंपनियों द्वारा इसके उत्पादन पर ही निर्भर करती है। बोलसनारो ने पीएम मोदी से यह सुनिश्चित करने का अनुरोध किया कि ब्राजील को हाइड्रोक्सी क्लोरोक्विन पर प्रतिबंध लगाने से पहले कच्चे माल की आपूर्ति का आदेश दिया जाए।

दरअसल भारत सरकार ने 25 मार्च को हाइड्रोक्सी क्लोरोक्विन के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया था। इसके बाद अमरिका समेत कई पड़ोसी देशों के आग्रह के बाद भारक सरकार ने मंगलवार को इसपर लगे प्रतिबंध को आंशिक रूप से हटा लिया था। हाइड्रोक्सी क्लोरोक्विन दवा का इस्तेमाल कोविड-19 से लड़ने के लिए किया जा सकता है। भारत इस दवा का सबसे बड़ा निर्यातक है।

यही नहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे पत्र में ब्राजील के राष्ट्रपति जायर बोलसोनारो ने कहा कि जिस तरह से हनुमान जी भगवान राम के भाई लक्ष्मण के प्राण बचाने के लिए हिमालय से संजीवनी लाए थे, उसी तरह से भारत की ओर से यह मदद भी लोगों की जिंदगी बचाएगी। भारत और ब्राजील मिलकर इस वैश्विक महामारी से लड़ने में सक्षम होंगे।

लैटिन अमेरिका के सबसे बड़े देश ब्राजील में कोरोना वायरस के 14 हजार मामले दर्ज किए गए हैं, जबकि संक्रमण के कारण 660 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। वाश्विक स्तर पर वायरस 75 हजार से अधिक लोगों की जान ले चुका है, जबकि 13 लाख से अधिक लोग संक्रमित हैं।

Posted By: Manish Pandey

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