जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव के लिए भाजपा कमर कसकर मैदान में उतर गई है। इस हफ्ते के अंत में भाजपा राष्ट्रीय परिषद के माध्यम से जहां चुनावी शंखनाद करेगी, वहीं रविवार को 17 चुनाव समितियों का गठन करके सबसे आगे रहने का उसने संकेत दे दिया है।

गृहमंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में संकल्प पत्र समिति, वित्तमंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता में प्रचार-प्रसार समिति तो सामाजिक स्वयंसेवी संगठन संपर्क समिति का जिम्मा केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को दिया गया है। समिति के गठन में यह ध्यान रखा गया है कि देश के अलग-अलग हिस्सों और आयु वर्ग की भागीदारी हो।

शुक्रवार से दिल्ली में भाजपा की राष्ट्रीय परिषद की बैठक बुलाई गई है। दो दिनी यह बैठक शायद ऐतिहासिक होगी, क्योंकि इसमें न सिर्फ भाजपा के पदाधिकारी और पूरे देश से चुने हुए प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे बल्कि निचले स्तर के कार्यकर्ता भी शामिल होंगे। यहीं से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह चुनाव में फतह का मंत्र देंगे। माना जा रहा है कि उससे पहले शाह संगठन के स्तर का कामकाज बांटने का काम पूरा कर देना चाहते हैं। रविवार को 17 भारी-भरकम चुनाव समितियों का गठन इसी लिहाज से अहम है। इससे पहले वह विभिन्न राज्यों में प्रभारियों और सह प्रभारियों की नियुक्ति कर चुके हैं।

रविशंकर प्रसाद समेत 18 लोग संभालेंगे मीडिया का जिम्मा
संकल्प पत्र (घोषणापत्र) समिति में राजनाथ के साथ-साथ अरुण जेटली, निर्मला सीतारमण, रविशंकर प्रसाद, मुख्तार अब्बास नकवी, पीयूष गोयल, केशव प्रसाद मौर्य, भूपेंद्र यादव, राममाधव समेत कुल 20 सदस्य हैं। प्रचार-प्रसार समिति में जेटली और राज्यव‌र्द्धन राठौर समेत कुल सात लोग लगाए गए हैं जबकि मीडिया का जिम्मा रविशंकर प्रसाद के साथ अन्य 17 लोगों को दिया गया है। सोशल मीडिया की जिम्मेदारी अलग से 13 लोगों की दी गई है।

गडकरी होंगे सामाजिक-स्वयंसेवी संगठन संपर्क समिति के प्रमुख 
लोकसभा चुनाव को लेकर जहां गठबंधनों पर सबकी नजरें हैं वहीं अलग-अलग मुद्दों पर समाज में तैयार किए जा रहे विचार और उसका प्रसार भी बहुत महत्वपूर्ण होगा। शाह ने शायद इसे ही ध्यान में रखते हुए सामाजिक-स्वयंसेवी संगठन संपर्क समिति का गठन किया है। चूंकि हाल के दिनों में गडकरी विपरीत राजनीतिक दलों और नेताओं से संपर्क बनाने के रूप में सफल दिखे हैं लिहाजा इस समिति की जिम्मेदारी भी उन्हें ही दी गई है। उनके साथ अलग-अलग क्षेत्रों से आने वाले 13 अन्य नेता लगाए गए हैं। 

लाभार्थियों से संपर्क के लिए 13 नेताओं की समिति
2019 में पिछली बार से भी बड़ी जीत का दावा कर रही भाजपा की योजना में लाभार्थी केंद्र में हैं। माना जा रहा है कि इनकी संख्या तकरीबन 22 करोड़ है। ऐसे में लाभार्थी संपर्क के लिए 13 नेताओं की समिति बनाई गई है। बाइक रैली पिछले चुनावों में अभियान का हिस्सा रही है लिहाजा इसके लिए भी तीन सदस्यीय समिति गठित की गई है जबकि महासचिव अरुण सिंह कार्यालय के जिम्मे के साथ साथ 'मन की बात' समिति का कार्य अकेले देखेंगे। 

कई राज्‍यों के चुनाव के प्रभारी और उप प्रभारी नियुक्‍त
इससे पहले भाजपा अध्‍यक्ष अमित शाह ने शनिवार को लोकसभा चुनाव-2019 के लिए कई राज्‍यों के चुनाव के प्रभारी और उप प्रभारी नियुक्‍त किए हैं, जिसमें तमिलनाडु, पडुचेरी, अंडमान निकोबार, कर्नाटक, दिल्‍ली, हरियाणा, त्रिपुरा, जम्‍मू-कश्‍मीर शामिल हैं।

भाजपा के महासचिव अरुण ने प्रेस रिलीज जारी करते हुए बताया कि यूपी का जेपी नड्डा को, दिल्‍ली का निर्मला सीतारमण और जयभान सिंह पवैया को, हरियाणा का कलराज मिश्र और विश्‍वास सारंग को, त्रिपुरा और जम्‍मू-कश्‍मीर का अविनाश राय खन्‍ना को, कर्नाटक का मुरलीधर राव और किरण माहेश्‍वरी को, तमिलनाडु, पडुचेरी, अंडमान निकोबार का पीयूष गोयल, सीटीवी रवि को प्रभारी नियुक्‍त किया है। 

Posted By: Arun Kumar Singh

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