नई दुनिया, भोपाल। मुख्यरूप से संपर्क फॉर समर्थन के लिए मंगलवार को जबलपुर आए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की चेतावनी के बाद मप्र में पार्टी संगठन सक्रिय हो गया है। शाह के जाते ही पार्टी ने वीरांगना रानी दुर्गावती के बलिदान दिवस 24 जून को जबलपुर में वहां आदिवासियों की बड़ी सभा करने की तैयारी कर ली, जहां उन्होंने अपना बलिदान दिया था।
पार्टी के नेता इस तैयारी में हैं कि मंडला-डिंडौरी, सिवनी और बालाघाट सहित अनूपपुर-उमरिया, शहडोल के आदिवासी खासतौर से गोंड वर्ग की भीड़ इस सभा में जुटाई जाए। इसके लिए फिलहाल सांसद फग्गनसिंह कुलस्ते और विनोद गोटिया को बागडोर सौंपी गई है। इससे पहले भी पार्टी महाकोशल में आदिवासी महाकुंभ और शबरी महाकुंभ जैसे आयोजन कर चुकी है। गौरतलब है कि विधानसभा चुनाव प्रबंधन से जुड़े नेताओं की बैठक में शाह ने कहा था कि सर्वाधिक फोकस एससी-एसटी सीटों को बचाने पर किया जाए। इसके साथ ही उन्होंने बूथ को मजबूत करने और बड़े नेताओं को बूथ तक दौरे करने के भी निर्देश दिए। शाह ने कहा कि वह जल्द ही मप्र के दौरे शुरू करेंगे और संभाग व जिला स्तर तक जाएंगे।

15 साल रहीं गोंडवाना राज्य की शासक
रानी दुर्गावती गोंडवाना राज्य की शासक थीं, जिसका केंद्र जबलपुर था। पति दलपत शाह की असमय मौत के बाद दुर्गावती ने 1549 से 1564 तक शासन किया था। अकबर के सेनापति आसफ खां को पराजित करने के बाद जब दोबारा हमला बोला तो नरई नाले के पास रानी दुर्गावती ने लड़ते-लड़ते आत्मबलिदान कर दिया। मंडला रोड स्थित बरेला गांव में रानी की समाधि बनी हुई है। जहां गोंड आदिवासी बड़ी तादाद में आते हैं। चूंकि गोंडवाना पार्टी का प्रभाव इसी गोंड जनजाति में ज्यादा है, इसी मकसद से सभा की नीति बनाई गई है।

जिले-संभाग का दौरा करेंगे शाह
शाह ने पार्टी नेताओं को संकेत दिए कि वे जल्द ही मप्र के दौरे शुरू करेंगे। संभाग और जिला मुख्यालय तक हर हाल में वे पहुंचने की कोशिश करेंगे। कहीं सभा के रूप में, कहीं मीटिंग के रूप में अध्यक्ष के प्रवास होंगे। शाह की बैठक का सर्वाधिक फोकस बूथ प्रबंधन और सोशल मीडिया प्रबंधन पर रहा। उन्होंने कहा कि इसी के भरोसे हम सरकार में लौट सकते हैं। शाह ने सोशल मीडिया टीम को कहा कि आप जैसा माहौल बनाओगे, उसी दिशा में चुनाव बढ़ेगा। इसकी नियमित समीक्षा किए जाने के भी निर्देश उन्होंने दिए।

By Manish Negi