नई दिल्‍ली, जेएनएन। संसद में गुरुवार को तीन तलाक बिल पर हंगामे के आसार हैं। भाजपा तीन तलाक बिल को लोकसभा में पेश करने जा रही है। भारतीय जनता पार्टी ने अपने सांसदों को व्हिप जारी किया है। इस व्हिप में भाजपा ने सभी सांसदों को मौजूद रहने को कहा है। मुस्लिम महिला विवाह अधिकार संरक्षण (तीन तलाक) विधेयक पहले लोकसभा में पारित हो गया था, लेकिन राज्यसभा में यह पारित नहीं हो सका।

संसदीय कार्य राज्य मंत्री विजय गोयल ने बताया कि 27 दिसंबर को तीन तलाक बिल पर एक अध्‍यादेश लोकसभा में बिल के रूप में पेश किया जाएगा। इसलिए भाजपा सांसदों को व्हिप जारी किया गया है।

लोकसभा में तीन तलाक पर रोक संबंधी विधेयक पर बहस के लिए सरकार व विपक्ष में सहमति बन गई है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भी तीन तलाक के मामलों को देखते हुए सरकार सख्त प्रावधान वाला अध्यादेश 19 सितंबर को लेकर आई थी। दरअसल, उस समय संसद की कार्यवाही नहीं चल रही थी, इसलिए अध्‍यादेश लाया गया। इन्हीं संशोधनों को स्थायी कानून बनाने के लिए सरकार नए सिरे से विधेयक लेकर आई है।

तीन तलाक के तीन अहम बिंदु हैं, जिसमें पत्नी, रक्त संबंध के रिश्तेदार और शादी से रिश्तेदार बने लोग ही तीन तलाक की शिकायत कर सकते हैं। शिकायत दर्ज होने पर मजिस्ट्रेट की अदालत पत्नी का पक्ष जानने के बाद ही जमानत पर सुनवाई करेगी। मजिस्ट्रेट यह सुनिश्चित करेगी कि पीड़िता को पति से आर्थिक मदद दिलाई जाए, मामले में तीन साल सजा शामिल है। नया विधेयक पारित होने पर पुराना विधेयक निरस्त हो जाएगा जिसे लोकसभा ने पारित कर दिया था और राज्यसभा में लंबित है।

Posted By: Tilak Raj