नई दिल्ली, प्रेट्र। भारतीय जनता पार्टी ने नागरिकता के मुद्दे पर कांग्रेस और एआइएमआइएम नेता असदुद्दीन ओवैसी पर मुसलमानों को गुमराह करने का आरोप लगाया है।

भाजपा प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने गुरुवार को अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों से विपक्षी दलों के झांसे में नहीं आने की अपील की है। उन्होंने कहा कि एक दफा एमए जिन्ना ने उन्हें दो देशों के सिद्धांत पर गुमराह किया था। लेकिन अब कांग्रेस उन्हें राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर, डिटेंशन सेंटर और राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर पर बरगला रही है। ओवैसी भी कांग्रेस की बी टीम हैं। मुसलमानों को बांटने की राजनीति करने वाले इन दलों की बातों में नहीं आना चाहिए।

यूपीए कार्यकाल में शुरू हुई थी NPR की कवायद

उन्होंने कहा कि एनपीआर की कवायद पहली बार वर्ष 2010 में कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार के शासनकाल में शुरू हुई थी। कांग्रेस ने तब एनआरसी की जरूरत बताई थी। जबकि मौजूदा भाजपा नीत राजग सरकार ने स्पष्ट किया है कि एनपीआर का नागरिकता रजिस्टर से कोई लेना-देना नहीं होगा। हुसैन ने कहा कि लोकसभा चुनाव में जनता की ओर से खारिज किए जाने के बाद कांग्रेस अब बांटने की राजनीति पर उतर आई है।

जिन्ना की भाषा का इस्तेमाल कर रही कांग्रेस

इस मौके पर भाजपा के किसान मोर्चा प्रमुख विरेंद्र सिंह मस्त ने आरोप लगाया कि कांग्रेस पाकिस्तान के संस्थापक जिन्ना की भाषा का इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने दावा किया कि विपक्षी दल भाजपा को उसी तरह हिंदुओं की पार्टी साबित करने पर तुला हुआ है जिस तरह आजादी से पहले जिन्ना कांग्रेस को बताते थे।

इसीतरह भाजपा प्रवक्ता के.कृष्ण सागर राव ने तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) को अराजकतावादी और देश की संस्थाओं का विरोधी करार दिया है। साथ ही इसकी तुलना ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहाद-उल-मुसलमीन (एआइएमआइएम) के असदुद्दीन ओवैसी से की है। उन्होंने कहा कि तेलंगाना के मुख्यमंत्री के.चंद्रशेखर राव ने एआइएमआइएम और मुस्लिम एक्शन कमेटी को खुला समर्थन दे रखा है।

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