नई दिल्ली, प्रेट्र। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने स्वास्थ्य से जुड़ी सरकार की महत्वाकांक्षी योजना आयुष्मान भारत को 'गेम चेंजर' करार दिया है। उन्होंने कहा कि योजना शुरू होने के 100 दिनों के भीतर 6.85 लाख गरीब मरीजों को अस्पतालों में मुफ्त इलाज प्रदान किया गया और 5.1 लाख दावे प्रस्तुत किए गए जिनका भुगतान कर दिया गया है।

वित्त मंत्री ने कहा कि 23 सितंबर, 2018 को योजना की शुरुआत के बाद से प्रतिदिन 5,000 दावे निपटाए जा रहे हैं। जेटली ने कहा, 'जैसे-जैसे इस योजना के बारे में जागरूकता बढ़ेगी, ऐसा अनुमान है कि अगले कुछ साल में एक करोड़ से ज्यादा परिवारों को हर साल इससे लाभ होगा।'

उन्होंने कहा कि कमजोर वर्ग के कई लोग जो अस्पताल के बिल का भुगतान करने में अक्षम हैं, वे अस्पताल में इलाज कराने से बचते हैं। लेकिन आज भारत के 40 फीसद गरीबों का सार्वजनिक खर्च पर अस्पतालों में इलाज सुनिश्चित किया गया है।

वित्त मंत्री ने कहा कि सरकारी कर्मचारियों, सशस्त्र बलों के कर्मचारियों और कुछ कारपोरेट कर्मचारियों को स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं हासिल हैं, लेकिन 62.58 फीसद भारतीय आबादी को अपने चिकित्सा खर्च का भुगतान खुद ही करना पड़ता है और ज्यादातर यह भुगतान करने में अक्षम होते हैं। मालूम हो कि इस योजना से सरकारी और निजी क्षेत्र के 16 हजार अस्पताल जुड़े हुए हैं और इनकी संख्या लगातार बढ़ रही है। इन अस्पतालों में आधे से ज्यादा निजी क्षेत्र के हैं।

 

Posted By: Arun Kumar Singh

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