नई दिल्ली, जागरण ब्यूरो। ड्रग तस्करी को आंतकी फंडिंग का बड़ा स्त्रोत बताते हुए गृहमंत्री अमित शाह ने इसके खिलाफ जीरो टालरेंस की नीति की घोषणा की है। उन्होंने साफ कर दिया है कि सरकार दुनिया के किसी भी देश से भारत में न तो ड्रग आने देगी और न ही यहां से बाहर जाने देगी। अमित शाह बिम्सटेक देशों (बे ऑफ बंगाल इनीशिएटिव फॉर मल्टी-सेक्टोरल टेक्नीकल एंड इकोनामिक कोआपरेशन) के सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। भारत, बांग्लादेश, श्रीलंका, म्यांमार, नेपाल, भूटान और थाईलैंड बिम्सटेक के सदस्य हैं।

दो दिन के सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए अमित शाह ने कहा कि भारत बिम्सटेक समेत दुनिया के अन्य देशों के साथ मिलकर ड्रग की समस्या को पूरी तरह समाप्त करने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि भारत ड्रग की समस्या पर लगाम लगाने पर प्रतिबद्ध है और इससे लड़ाई में दुनिया में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए तैयार भी है। दरअसल बिम्सटेक देश दक्षिण एशिया और दक्षिण पूर्वी एशिया के देशों के बीच अहम कड़ी हैं जो ड्रग तस्करी का एक बड़ा रूट भी है।

दुनिया में मादक पदार्थो का सेवन करने वालों की बढ़ती संख्या पर चिंता जताते हुए अमित शाह ने कहा कि ड्रग सिर्फ इसके सेवन करने वाले व्यक्ति को बर्बाद नहीं करता है, बल्कि उसके परिवार के साथ-साथ समाज को तबाह कर देता है। उनके अनुसार पिछले 10 सालों में मादक पदार्थो के सेवन करने वालों की संख्या में 30 फीसद इजाफा हुआ है, जिसे रोकना पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वक्तव्य का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि दुनिया का कोई भी ऐसा देश नहीं है, जो आतंकवाद, अंतरदेशीय संगठित अपराध और ड्रग तस्करी की समस्या से नहीं जूझ रहा हो। जाहिर है इसके खिलाफ सबको मिलकर लड़ाई लड़नी पडे़गी। समस्या की विकरालता का उदाहरण देते हुए अमित शाह ने कहा कि दुनिया में हर साल लगभग 400 अरब डॉलर की ड्रग तस्करी की जाती है।

 

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