नई दिल्ली, जागरण ब्यूरो। गृहमंत्री अमित शाह के साथ विभिन्न राज्यपालों के मिलने का सिलसिला मंगलवार को भी जारी रहा। मंगलवार को राजस्थान के राज्यपाल कल्याण सिंह समेत चार राज्यपालों ने अमित शाह से मुलाकात की। इसके पहले सोमवार को अमित शाह ने पश्चिम बंगाल के राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी समेत पांच राज्यपालों से मुलाकात की थी।

वैसे इन मुलाकातों को औपचारिक बताया जा रहा है, लेकिन बताया जाता है कि खासतौर पश्चिम बंगाल और जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल से मुलाकात के दौरान अमित शाह ने राज्य के ताजा हालात की जानकारी ली।

मंगलवार को अमित शाह से मिलने वाले राज्यपालों में कल्याण सिंह के साथ-साथ गुजरात के राज्यपाल ओम प्रकाश कोहली, कर्नाटक के राज्यपाल बज्जूभाई वाला और उत्तराखंड की राज्यपाल बेबी रानी मौर्य शामिल थी।

इसी तरह सोमवार को अमित शाह से केशरीनाथ त्रिपाठी के साथ-साथ तमिलनाडु के राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित, तेलंगाना व आंध्रप्रदेश के राज्यपाल एएलएस नरसिंहम, झारखंड के राज्यपाल द्रोपदी मुर्मू, अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल ब्रिगेडियर (सेवानिवृत) बीडी मिश्रा से मुलाकात की थी।

ध्यान देने की बात है कि गृहमंत्रालय का कार्यभार संभालते ही राज्यपालों का अमित शाह से मुलाकात का सिलसिला शुरू हो गया था। पदभार ग्रहण के तत्काल बाद जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक, केरल के राज्यपाल पी सदाशिवम और महाराष्ट्र के राज्यपाल सी विद्यासागर राव ने अमित शाह से मुलाकात की थी।

इनमें पिछले तीन दशक से भी अधिक समय से आतंकवाद से जूझ रहे जम्मू-कश्मीर और चुनावी हिंसा से त्रस्त पश्चिम बंगाल के राज्यपाल की मुलाकात को अहम माना जा रहा है। सत्यपाल मलिक से साथ लंबी मुलाकात और हालात की समीक्षा के बाद गृहमंत्रालय अब जम्मू-कश्मीर की समस्या के स्थायी समाधान के लिए कई अहम कदम की तैयारी में जुट गया है।

वहीं केसरीनाथ त्रिपाठी ने चुनावी हिंसा को रोकने में ममता बनर्जी सरकार की विफलता पर विस्तृत रिपोर्ट सौंपी है। गृहमंत्रालय चुनाव के बाद हो रही हिंसा को रोकने के लिए कड़े शब्दों में पश्चिम बंगाल सरकार एडवाइजरी जारी कर चुका है।

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Posted By: Nitin Arora

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