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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 26, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

राजस्थान संकट के बीच कांग्रेस आलाकमान ने कमल नाथ को किया दिल्ली समन, सोनिया गांधी से कर सकते हैं मुलाकात

By AgencyEdited By: Sonu Gupta
Published: Mon, 26 Sep 2022 05:14 PM (IST)

राजस्थान कांग्रेस में जारी राजनीतिक ड्रामे के बीच कांग्रेस आलाकमान ने वरिष्ठ नेता कमलनाथ को दिल्ली तलब किया है। वह ...और पढ़ें

कमलनाथ दिल्ली रवाना, सोनिया गांधी से कर सकते हैं मुलाकात। (फाइल फोटो)
कमलनाथ दिल्ली रवाना, सोनिया गांधी से कर सकते हैं मुलाकात। (फाइल फोटो)

नई दिल्ली, एजेंसी। राजस्थान कांग्रेस में जारी राजनीतिक ड्रामे के बीच कांग्रेस आलाकमान ने वरिष्ठ नेता कमलनाथ को दिल्ली तलब किया है। वह सोमवार को पार्टी प्रमुख सोनिया गांधी से भी मिल सकते हैं। सूत्रों ने यह जानकारी दी है। मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रमुख कमलनाथ का दिल्ली दौरा राजस्थान में चल रहे पालिटिकल ड्रामें के बीच हुआ है। मालूम हो कि अशोक गहलोत ने घोषणा की थी कि वह एआईसीसी के अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ेंगे, जिसके बाद राजस्थान में नेतृत्व परिवर्तन होना है।

गहलोत को मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी 

सूत्रों ने बताया कि कमलनाथ को राजस्थान के मुख्यमंत्री के साथ अच्छे संबंध होने के लिए जाने जाते हैं, जिसके कारण उन्हें समझौता करने के लिए कांग्रेस आलाकमान कह सकता है। गहलोत के करीबी विधायक जहां अपने मुद्दों को लेकर खुल कर बोलते रहे हैं वहीं सचिन पायलट खेमे के विधायक इस पर टिप्पणी करने से बच रहे हैं। गहलोत खेमे के विधायकों ने कहा है कि उन्होंने पर्यवेक्षकों के सामने अपनी मांग रखी है कि मुख्यमंत्री पद के लिए कोई भी फैसला 19 अक्टूबर को होने वाली पार्टी अध्यक्ष चुनाव के बाद और अशोक गहलोत के परामर्श से ही लिया जाना चाहिए।

सोनिया गांधी को सौंपा जा सकता है रिपोर्ट

मालूम हो कि अखिल भारतीय कांग्रेस समिति (AICC) के पर्यवेक्षक मल्लिकार्जुन खड़गे और राजस्थान प्रभारी अजय माकन ने रविवार को कांग्रेस विधायक दल (CLP) की बैठक में सभी विधायकों का आने इंतजार किया। राजस्थान में राजनीतिक संकट को दूर करने के लिए उन्होंने गहलोत खेमे के विधायकों से एक-एक करके मिलने का भी प्रयास किया और उन्हें मनाने की कोशिश की। पार्टी के सूत्रों ने बताया कि कई विधायक नवरात्रि त्योहार के कारण अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों के लिए रवाना हो गए हैं। हालांकि इस मामले पर पर्यवेक्षकों द्वारा सोनिया गांधी को एक रिपोर्ट सौंपे जाने की भी संभावना है।

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